महात्मा गांधी की तस्वीर को लेकर कर्नाटक में सियासी विवाद गहरा गया है। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी आमने-सामने आ गई हैं। कांग्रेस सरकार की ओर से हाल ही में अखबारों में प्रकाशित एक विज्ञापन के बाद यह विवाद शुरू हुआ, जिसमें महात्मा गांधी को सफेद कमीज और खाकी पैंट में दिखाया गया था।
इस विज्ञापन में गांधीजी को केंद्र सरकार की रोजगार नीति पर सवाल उठाते हुए दर्शाया गया, जिसे कांग्रेस ने ग्रामीण रोजगार से जुड़ी योजनाओं के समर्थन में जारी किया था। विज्ञापन के सामने आते ही भाजपा ने इसे महात्मा गांधी की छवि से जोड़कर राजनीति करने का आरोप लगाया।
इसके जवाब में भाजपा ने भी अखबारों में एक पूर्ण पृष्ठ का विज्ञापन जारी किया। इसमें महात्मा गांधी को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर नाराज़गी जताते हुए प्रतीकात्मक रूप में दिखाया गया, जिसे लेकर नया विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस नेताओं को इस विज्ञापन में गांधीजी से क्षमा मांगते हुए दर्शाया गया था।
इस पूरे मामले पर कर्नाटक गांधी स्मारक निधि ने कड़ी आपत्ति जताई है। संस्था ने दोनों पक्षों के विज्ञापनों को महात्मा गांधी के आदर्शों के विपरीत बताया और कहा कि राष्ट्रपिता की तस्वीर का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल अनुचित है। संगठन ने इसे गंभीर और चिंताजनक बताया है।
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