मध्य-पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति पर भी पड़ने लगा है। खासतौर पर Strait of Hormuz से गुजरने वाले तेल निर्यात पर संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है। हाल के घटनाक्रमों के बाद ऊर्जा बाजार में भी हलचल देखी जा रही है।
ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) की नौसेना के प्रमुख ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान के प्रमुख तेल टर्मिनल Kharg Island पर हमला किया गया तो इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों पर बड़ा असर पड़ेगा। उनका कहना था कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य के नियंत्रण को लेकर किसी तरह की सैन्य कार्रवाई हुई, तो ऊर्जा आपूर्ति और वितरण का पूरा समीकरण बदल सकता है।
इस बीच Donald Trump ने साफ कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी के लिए हर हाल में खुला रखा जाएगा। उन्होंने China, France, United Kingdom, Japan और South Korea से इस अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए अपने युद्धपोत भेजने की अपील की है। यह जलडमरूमध्य Iran, Oman और United Arab Emirates के बीच स्थित है और दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल का निर्यात इसी रास्ते से होता है।
वहीं Abbas Araghchi (ईरान के विदेश मंत्री) ने कहा कि यह समुद्री मार्ग अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए पूरी तरह बंद नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका और इज़राइल से जुड़े जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण कई जहाज Persian Gulf और Gulf of Oman के बीच इस संकरे समुद्री मार्ग में फंसे हुए बताए जा रहे हैं। इनमें कुछ भारतीय जहाज भी शामिल हैं, जिससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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