अमेरिका की राजकीय यात्रा पर पहुंचे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का वॉशिंगटन में भव्य स्वागत किया गया। व्हाइट हाउस में आयोजित औपचारिक समारोह के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच ओवल ऑफिस में बातचीत हुई। दोनों नेताओं की बैठक ऐसे समय हुई है, जब अमेरिका और चीन के संबंध व्यापार, तकनीक, ताइवान और ईरान समेत कई संवेदनशील मुद्दों को लेकर दबाव में हैं।
बैठक से पहले शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य सम्मान समारोह में हिस्सा लिया। व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में सैन्य समीक्षा भी आयोजित की गई, जिसमें दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के सम्मान में सैन्य बैंड और अमेरिकी सैन्य बलों की प्रस्तुतियां हुईं। इसके बाद दोनों नेता ओवल ऑफिस पहुंचे और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की।
ताइवान को लेकर शी जिनपिंग की क्या मांग है?
अमेरिका-चीन वार्ता में ताइवान का मुद्दा सबसे संवेदनशील विषयों में से एक है। रिपोर्टों के मुताबिक, चीन चाहता है कि अमेरिका ताइवान को हथियारों की बिक्री रोकने की दिशा में कदम उठाए। बीजिंग लंबे समय से ताइवान को हथियार देने का विरोध करता रहा है और इस मुद्दे को अपनी प्रमुख कूटनीतिक चिंताओं में शामिल करता है।
इसके साथ ही दोनों देशों के बीच अत्याधुनिक तकनीक, चिप्स और निर्यात नियंत्रण से जुड़े मुद्दे भी बातचीत का हिस्सा रहे। अमेरिका और चीन के बीच व्यापार समझौते को लेकर भी बातचीत हुई। दोनों पक्षों ने उस व्यापारिक युद्धविराम को दो महीने आगे बढ़ाने पर सहमति जताई, जिसकी अवधि नवंबर में समाप्त होने वाली थी। इससे दोनों देशों को आर्थिक मुद्दों पर आगे बातचीत के लिए अतिरिक्त समय मिला है।
व्यापार के साथ तकनीक और AI पर भी फोकस
ट्रंप ने बैठक से पहले कहा कि अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक संबंधों को अधिक संतुलित बनाने के लिए दोनों पक्ष काम कर रहे हैं। उन्होंने सुरक्षा, तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े विषयों को भी महत्वपूर्ण बताया।
हालिया बातचीत में AI को लेकर सुरक्षा और तकनीकी प्रतिस्पर्धा भी अहम मुद्दा रही है। अमेरिका और चीन दोनों ही इस क्षेत्र में अपनी तकनीकी क्षमता बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसे में AI से जुड़े नियम और तकनीकी नियंत्रण भविष्य की वार्ताओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं।
ट्रंप ने चीन के साथ पुराने संबंधों का किया जिक्र
व्हाइट हाउस में शी जिनपिंग का स्वागत करते हुए ट्रंप ने दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे संपर्क और व्यक्तिगत संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा के बावजूद सहयोग के अवसर तलाशे जाने चाहिए।
ट्रंप ने अमेरिका और चीन के बीच द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान रहे सहयोग को भी याद किया। उन्होंने चीन की मदद के लिए लड़ने वाले अमेरिकी पायलटों के समूह ‘फ्लाइंग टाइगर्स’ का जिक्र किया और कहा कि उस दौर की साझेदारी दोनों देशों के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि दोनों देशों के साझा हितों ने अलग-अलग परिस्थितियों के बावजूद अमेरिका और चीन के लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने में भूमिका निभाई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मौजूदा दौर में भी दोनों देश मिलकर आगे बढ़ सकते हैं।
शी जिनपिंग ने सहयोग बढ़ाने पर दिया जोर
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका पहुंचने के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ का उल्लेख करते हुए अमेरिकी जनता को शुभकामनाएं दीं।
शी ने कहा कि चीन और अमेरिका दोनों बड़े देश हैं और दोनों देशों के लोगों की अपनी-अपनी महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके मुताबिक, मौजूदा वैश्विक बदलावों के दौर में दोनों देशों के सामने सहयोग और विकास को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है।
शी ने अमेरिका यात्रा को दोनों देशों के बीच दोस्ती आगे बढ़ाने, सहयोग का दायरा बढ़ाने और दोनों देशों के लोगों के हित में काम करने के अवसर के तौर पर पेश किया।
दोनों देशों की फर्स्ट लेडीज ने संग्रहालय का किया दौरा
जब ट्रंप और शी जिनपिंग की बातचीत चल रही थी, उसी दौरान अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप और शी जिनपिंग की पत्नी पेंग लियुआन ने वॉशिंगटन स्थित स्मिथसोनियन नेशनल म्यूजियम ऑफ एशियन आर्ट का दौरा किया।
दोनों ने संग्रहालय में एशियाई कला और अमेरिका-चीन सांस्कृतिक संबंधों से जुड़ी चीजों को देखा। इस दौरान स्थानीय छात्रों के साथ भी मुलाकात हुई।
अमेरिका और चीन के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक ऐसे समय हुई है जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव को कुछ समय के लिए कम करने की कोशिश हो रही है, लेकिन ताइवान, तकनीकी प्रतिबंध, दुर्लभ खनिजों और AI जैसे मुद्दे अभी भी दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण मतभेदों का हिस्सा बने हुए हैं।
Zaman Times