पाकिस्तान ने सऊदी अरब की सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। 18 सितंबर 2026 को पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क विभाग (आईएसपीआर) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान हर जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार है। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब यमन के हूती संगठन और सऊदी अरब के बीच तनाव फिर चर्चा में है।
सऊदी की सुरक्षा को लेकर पाकिस्तान का रुख
पाकिस्तानी सेना के अधिकारी ने कहा कि सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान के संबंध केवल रणनीतिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच धार्मिक और सुरक्षा संबंध भी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब में स्थित मक्का और मदीना की सुरक्षा को लेकर पाकिस्तान की प्रतिबद्धता स्पष्ट है।
उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र के अन्य देशों के संपर्क में है और मौजूदा तनाव का समाधान बातचीत के जरिए निकालने की कोशिश की जा रही है। पाकिस्तान के अनुसार, वह सऊदी अरब के खिलाफ किसी भी तरह की आक्रामक कार्रवाई की स्थिति में उसके साथ खड़ा रहेगा।
मक्का पर हमले के दावे को हूती नेता ने बताया गलत
सऊदी अरब की ओर से आरोप लगाया गया है कि हूती संगठन ने मक्का को निशाना बनाने की कोशिश की। हालांकि, हूती नेता अब्दुल-मलिक अल-हूती ने इस दावे को खारिज कर दिया है।
अल-हूती ने सऊदी अरब के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि ऐसे दावों का इस्तेमाल यमन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए समर्थन जुटाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इस तरह दोनों पक्षों के दावों के बीच क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
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हूती नेता ने सऊदी अरब पर भी लगाए आरोप
हूती नेता ने आरोप लगाया कि तनाव बढ़ने से पहले जब क्षेत्र में कुछ समय के लिए स्थिति अपेक्षाकृत शांत थी, तब सऊदी अरब ने राजनीतिक समाधान की दिशा में पर्याप्त पहल नहीं की।
उनका दावा है कि इसके बजाय यमन के हूती नियंत्रण वाले क्षेत्रों पर प्रतिबंधों को और सख्त किया गया। हालांकि, इन आरोपों पर सऊदी अरब का पक्ष इस खबर में उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
18 सितंबर को प्रदर्शन का आह्वान
अब्दुल-मलिक अल-हूती ने यमन में अपने समर्थकों से 18 सितंबर को बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने की अपील भी की। उन्होंने इन प्रदर्शनों को सऊदी अरब की ओर से लगाए गए कथित आरोपों और हूती संगठन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के विरोध से जोड़कर पेश किया।
फिलहाल, पाकिस्तान ने बातचीत के जरिए तनाव कम करने की बात कही है, जबकि सऊदी अरब और हूती संगठन के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। इस घटनाक्रम पर क्षेत्रीय देशों की भूमिका और आगे होने वाली कूटनीतिक गतिविधियों पर भी नजर बनी हुई है।
Zaman Times