भारत की सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली को समझने के लिए फिल्म ‘धुरंधर’ देखने की सलाह देने वाले अरुणाचल प्रदेश के बीजेपी मंत्री बालो राजा के बयान पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। थरूर ने मंत्री की सलाह पर असहमति जताते हुए कहा कि उन्होंने फिल्म देखी है, लेकिन इसके सभी पहलुओं से सहमत नहीं हैं। इस बयान के बाद फिल्म और भारत की खुफिया व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
शशि थरूर ने फिल्म देखने के बाद रखी अपनी राय
शशि थरूर ने 29 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा की। इसमें उन्होंने बालो राजा की फिल्म देखने वाली सलाह का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने ‘धुरंधर’ देखी है, लेकिन वह फिल्म में दिखाई गई सभी बातों से पूरी तरह सहमत नहीं हैं।
थरूर ने मंत्री को संबोधित करते हुए अपने विचार सुनने की अपील भी की। इसके साथ उन्होंने अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए वीडियो का लिंक साझा किया। इस वीडियो में उन्होंने फिल्म देखते हुए उसकी कहानी और अलग-अलग पहलुओं पर अपनी समीक्षा प्रस्तुत की है।
बीजेपी मंत्री बालो राजा ने क्या कहा था?
अरुणाचल प्रदेश के बीजेपी राज्य मंत्री बालो राजा ने भारत की खुफिया व्यवस्था को लेकर एक बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि भारत की सुरक्षा और इंटेलिजेंस की ताकत को समझना है तो ‘धुरंधर’ फिल्म देखनी चाहिए।
उन्होंने सुरक्षा अधिकारियों को संबोधित करते हुए सवाल उठाया था कि जब कोई अधिकारी डीआईजी जैसे महत्वपूर्ण पद पर है, तो उसे अपने बयान में कमजोरी क्यों दिखानी चाहिए। उनका कहना था कि भारत एक मजबूत देश है और फिल्म के माध्यम से देश की खुफिया क्षमताओं को समझा जा सकता है।
ITBP के डीजी के बयान के बाद शुरू हुआ विवाद
इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि भारत-चीन सीमा पर सुरक्षा से जुड़े एक बयान से जुड़ी है। दरअसल, ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने अरुणाचल प्रदेश से लगी सीमा पर भारतीय और चीनी सैनिकों के आमने-सामने आने की स्थितियों का उल्लेख किया था।
उन्होंने बताया था कि सीमा पर कुछ स्थानों पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच ऐसी परिस्थितियां बनती हैं। इन हालात से निपटने के लिए तैनात शौर्य कमांडो टीमों की भूमिका की भी उन्होंने सराहना की थी।
आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों पर भी दिया गया जोर
ITBP प्रमुख ने सीमा सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए आधुनिक हथियारों और उपकरणों की जरूरत पर भी ध्यान दिलाया था। इसके अलावा उन्होंने ड्रोन युद्ध जैसी नई चुनौतियों का सामना करने के लिए सुरक्षा बलों की तकनीकी और परिचालन क्षमताओं को बेहतर बनाने की आवश्यकता बताई थी।
इसी बयान के संदर्भ में बालो राजा ने भारत की सुरक्षा व्यवस्था की ताकत का उल्लेख करते हुए ‘धुरंधर’ फिल्म देखने की सलाह दी थी। अब शशि थरूर की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला राजनीतिक और फिल्मी चर्चा का विषय बन गया है।
Zaman Times