उन्नाव: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के शुक्लागंज में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा करीब 11 साल बाद दोबारा स्थापित की गई। बुधवार रात कोतवाली गंगाघाट के गेट के पास पुराने स्थान पर नई प्रतिमा लगाई गई। सदर विधायक पंकज गुप्ता ने प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर बाबा साहेब के अनुयायियों और विभिन्न संगठनों के लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
राजधानी मार्ग चौड़ा करने के दौरान हटाई गई थी प्रतिमा
जानकारी के मुताबिक, 12 अक्टूबर 2015 को राजधानी मार्ग को चौड़ा करने और फोरलेन निर्माण के दौरान डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा को हटा दिया गया था। इसके बाद से प्रतिमा को दोबारा स्थापित किए जाने का इंतजार किया जा रहा था। अब करीब 11 साल बाद पुराने स्थान पर प्रतिमा की पुनर्स्थापना की गई है।
पदयात्रा निकालकर बाबा साहेब को किया नमन
प्रतिमा स्थापना के अवसर पर बुधवार रात करीब नौ बजे डीबी पैलेस से कोतवाली गंगाघाट तक पदयात्रा निकाली गई। इसमें डॉ. आंबेडकर के अनुयायियों के साथ विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। पदयात्रा के बाद प्रतिमा स्थल पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। लोगों ने बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों को याद किया। कार्यक्रम के बाद भंडारे में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
विधायक ने बताया आंबेडकर के विचारों का महत्व
सदर विधायक पंकज गुप्ता ने कहा कि राजधानी मार्ग चौड़ा करने और फोरलेन निर्माण के दौरान पिछली सपा सरकार के कार्यकाल में प्रतिमा हटाई गई थी। उन्होंने कहा कि अब भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रतिमा दोबारा स्थापित की गई है और उसका अनावरण किया गया है।
विधायक ने डॉ. आंबेडकर के संविधान निर्माण में योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके विचार समानता, अधिकार और न्याय का संदेश देते हैं। उनके विचार आज भी समाज के लिए महत्वपूर्ण हैं।
कई जनप्रतिनिधि और अनुयायी रहे मौजूद
कार्यक्रम में गंगाघाट भाजपा मंडल अध्यक्ष सुरेश चंद्र शुक्ला, सभासद धीरज सिंह, उर्मिला गौतम, बसपा विधानसभा प्रभारी संतोष कपूर, श्याम बिहारी, राजकुमार चतुर्वेदी और अजय पाल सहित कई लोग मौजूद रहे। पंचशील बुद्ध विहार से जुड़े राजेंद्र गौतम और रेखा गौतम ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। इसके अलावा पुत्तन लाल, जेजे लाल, देवी चरण और राजकुमारी गौतम समेत बड़ी संख्या में बाबा साहेब के अनुयायी उपस्थित रहे।
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