अमेरिका में H-1B वीजा को लेकर एक बार फिर भारतीय पेशेवरों के बीच चिंता बढ़ सकती है। अमेरिकी प्रशासन की वीजा नीतियों में प्रस्तावित बदलावों को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि इसका सीधा असर उन विदेशी कर्मचारियों पर पड़ सकता है, जो नौकरी के लिए अमेरिका जाने की योजना बना रहे हैं।
विदेश मामलों के जानकार रोबिंदर सचदेव ने एक बातचीत में बताया कि ट्रंप प्रशासन की ओर से H-1B वीजा पर भारी शुल्क लगाने का प्रस्ताव सामने आया है। उनके मुताबिक पहले भी बड़ी फीस लगाने की कोशिश की गई थी, जिसे अमेरिकी अदालत में चुनौती मिली थी। अब प्रशासन ने दोबारा एक नई राशि के साथ प्रस्ताव रखा है।
हालांकि, विशेषज्ञ के अनुसार प्रस्ताव को अभी लागू नहीं किया गया है। उनका मानना है कि नए फैसले को भी अदालत में चुनौती दिए जाने की संभावना है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह शुल्क टैक्स के स्वरूप में है, तो इसे लागू करने का अधिकार अमेरिकी राष्ट्रपति के बजाय कांग्रेस के अधिकार क्षेत्र में आता है।
पूर्व DGP ने बताया भारत के लिए चिंता की बात
H-1B वीजा नीति में संभावित बदलाव को लेकर जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी शेष पॉल वैद ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में रहने तक इस तरह की सख्त इमिग्रेशन नीतियां सामने आती रह सकती हैं।
उन्होंने इसे भारत के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति बताया, क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय पेशेवर H-1B वीजा के जरिए अमेरिका में रोजगार के अवसर हासिल करते हैं।
शेष पॉल वैद के मुताबिक, मौजूदा परिस्थितियों में भारत को कुछ समय तक इस तरह के फैसलों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी प्रशासन की मौजूदा नीतियों को देखते हुए स्थिति में बदलाव के लिए अगले राष्ट्रपति चुनाव तक इंतजार करना पड़ सकता है।
वीजा अपॉइंटमेंट को लेकर भी बदलाव
H-1B वीजा के अलावा अमेरिका में अन्य वीजा सेवाओं को लेकर भी बदलाव की जानकारी सामने आई है। ट्रंप प्रशासन ने दुनियाभर में कुछ वीजा अपॉइंटमेंट्स के शेड्यूल में अस्थायी बदलाव किया है।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इमिग्रेशन से जुड़ी नई नीतियों के तहत दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में कर्मचारियों के लिए ट्रेनिंग आयोजित की जा रही है। इस वजह से कुछ वीजा सेवाओं के अपॉइंटमेंट प्रभावित हो सकते हैं।
ऐसे में अमेरिका जाने की तैयारी कर रहे भारतीय आवेदकों के लिए नई घोषणाओं पर नजर रखना और आवेदन से पहले आधिकारिक जानकारी की पुष्टि करना जरूरी होगा।
Zaman Times