प्रयागराज में ट्रेन में कथित हमले के मामले में पुलिस ने रीवा एक्सप्रेस के कोच अटेंडेंट, टीटीई, एस्कॉर्ट में तैनात पुलिसकर्मियों और कुछ यात्रियों के बयान दर्ज किए हैं। पूछताछ में सभी ने बताया कि उन्होंने घटना को अपनी आंखों से नहीं देखा। दूसरी ओर, आशुतोष महाराज सोमवार को बयान दर्ज कराने जीआरपी थाने नहीं पहुंचे।
पुलिस ने सिराथू से लेकर प्रयागराज रेलवे स्टेशन तक 50 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की जांच की, लेकिन किसी संदिग्ध व्यक्ति के ट्रेन में चढ़ने या उतरने का कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला। वहीं डॉक्टरों की मेडिकल रिपोर्ट में भी गंभीर हमले की पुष्टि नहीं हुई है।
मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर चोट का जिक्र नहीं
डॉक्टरों के अनुसार आशुतोष महाराज के शरीर पर किसी खतरनाक या धारदार हथियार से हमला होने के संकेत नहीं मिले। रिपोर्ट में बताया गया कि चोट गहरी नहीं है और यह सामान्य खरोंच जैसी दिखाई देती है।
बताया गया कि रविवार सुबह करीब 5 बजे कौशांबी के पास सिराथू रेलवे स्टेशन के नजदीक चलती रीवा एक्सप्रेस में उन पर हमला होने का दावा किया गया था। इस दौरान उनके नाक, चेहरे और हाथ पर वार किए जाने की बात कही गई थी। इसके बाद उन्हें प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे आशुतोष महाराज
सोमवार को आशुतोष महाराज को जीआरपी थाने में बयान दर्ज कराना था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे अदालत के काम में व्यस्त हैं और तबीयत ठीक न होने के कारण थाने नहीं आ सकते।
पुलिस ने उस कोच में तैनात जीआरपी-आरपीएफ एस्कॉर्ट कर्मियों के बयान दर्ज किए। साथ ही उसी कोच में सफर कर रहे चार यात्रियों से भी पूछताछ की गई। अब इन यात्रियों के बयान कैमरे पर दर्ज किए जाने की तैयारी है।
पुलिस को नहीं मिला कोई चश्मदीद
पुलिस के अनुसार अब तक दर्ज बयानों में किसी ने भी घटना को प्रत्यक्ष रूप से देखने की बात नहीं कही है। इसलिए अभी तक किसी को भी चश्मदीद गवाह नहीं माना गया है। मामले की जांच वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जारी है।
सोशल मीडिया पोस्ट की भी जांच
घटना के कुछ घंटों बाद एक फेसबुक अकाउंट से हमले की जिम्मेदारी लेने वाली पोस्ट सामने आई थी, जिसे बाद में हटा दिया गया। पुलिस उस अकाउंट की भी जांच कर रही है। आईपी एड्रेस, प्रोफाइल और पोस्ट से जुड़े सभी तकनीकी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
शंकराचार्य से जुड़े विवाद के बीच मामला चर्चा में
यह घटना उस समय सामने आई है जब प्रयागराज में धार्मिक विवाद को लेकर पहले से तनाव की स्थिति बनी हुई है। इससे पहले आशुतोष महाराज ने कुछ गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद मामला अदालत तक पहुंचा। इसी विवाद के बीच ट्रेन में हमले की घटना सामने आने से मामला और सुर्खियों में आ गया है।
Zaman Times