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1. ट्रंप के ऐलान के फौरन बाद अमेरिका ने परमाणु बम दागा, जिससे पुतिन और जिनपिंग की बेचैनी और बढ़ गई।

 

अमेरिका ने 33 सालों के बाद परमाणु बम गिराने के परीक्षण को अंजाम दिया है. अमेरिका की ओर से यह परीक्षण नेवादा के टोनोपाह टेस्ट रेंज में किया गया. हालांकि, यह भी दावा किया गया है कि न्यूक्लियर ग्रेवेटी बम को बिना न्यूक्लियर वॉरहेड के परीक्षण में इस्तेमाल किया गया. इस टेस्ट में अमेरिकी वायुसेना के न्यूक्लियर हमला करने में सक्षम एफ-35 लड़ाकू विमान का इस्तेमाल किया गया है.

वहीं, इस न्यूक्लियर बम ब्लास्ट के टेस्ट में अमेरिका के यूटाह के हिल एयर फोर्स बेस के कर्मचारियों और विमानों की भी सहायता ली गई थी. बताया गया कि यह परीक्षण इसी साल 2025 के अगस्त महीने में किया गया था.

रूस-चीन से तनाव के बीच अमेरिका ने किया परीक्षण

अमेरिका की ओर से यह न्यूक्लियर बम गिराने का परीक्षण ऐसे समय पर किया गया जब वॉशिंगटन का मॉस्को और बीजिंग के साथ तनाव जारी है. वहीं, हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह घोषणा भी की थी चीन और रूस जैसे देशों के तर्ज पर अमेरिका भी परमाणु बम परीक्षण को फिर से शुरू करेगा.

परमाणु बम परीक्षण को लेकर एक वीडियो भी आया सामने

अमेरिका के परमाणु बम परीक्षण को लेकर एक वीडियो भी सामने आया है. इस वीडियो में अमेरिका के यूटाह के हिल एयर फोर्स बेस पर परमाणु बम को एफ-35 लड़ाकू विमान में इंस्टॉल करते हुए दिखाया गया है. इस वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि परमाणु बम को एक कंटेनर में लाया गया है.

इसके अलावा, यूटाह के हिल एयर बेस पर कर्मी पूरी एहतियात बरतते हुए उसकी जांच करते हैं. उसके बाद पूरी सावधानी से उसे अमेरिकी वायुसेना के एफ-35 लड़ाकू विमान में परीक्षण के लिए इंस्टॉल किया जाता है. वीडियो में दिखाया गया कि एफ-35 लड़ाकू विमान में दो परमाणु बमों को इंस्टॉल किया जाता है और सभी तकनीकी जांच के बाद लड़ाकू विमान हवा में उड़ान भरता है और परमाणु बम को टोनोपाह टेस्ट रेंज में गिराया जाता है.

 

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