रूस और यूक्रेन के बीच करीब साढ़े चार साल से जारी युद्ध के बीच एक बार फिर शांति की उम्मीद जगी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को रूस के सामने कुछ समय के लिए हवाई हमले रोकने और अस्थायी सीजफायर लागू करने का प्रस्ताव रखा है। इसी बीच अमेरिका की ओर से राष्ट्रपति के विशेष दूत मॉस्को और कीव का दौरा करने वाले हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति के दूत जेरेड कुशनर और स्टीव विटकोफ शनिवार और रविवार को रूस और यूक्रेन की यात्रा करेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए संभावित शांति समझौते पर बातचीत का रास्ता तलाशना बताया जा रहा है।
दोनों अमेरिकी प्रतिनिधियों के दौरे की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब रूस और यूक्रेन के बीच सैन्य तनाव अभी भी बना हुआ है। इसी दौरान रूस की ओर से यूक्रेन की एक प्रमुख खुफिया एजेंसी के मुख्यालय को निशाना बनाकर हवाई हमला किए जाने की जानकारी सामने आई।
जेलेंस्की ने सीजफायर को लेकर क्या कहा?
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अमेरिकी दूतों के प्रस्तावित दौरे की पुष्टि करते हुए कहा कि यूक्रेन बातचीत के लिए जरूरी माहौल तैयार करने को तैयार है।
जेलेंस्की के मुताबिक, यूक्रेनी अधिकारियों ने कीव में अमेरिकी प्रतिनिधियों के दौरे को लेकर तैयारियों पर चर्चा की। उनका कहना है कि अमेरिकी दूतों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए हवाई क्षेत्र से जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने रूस के सामने अस्थायी हवाई सीजफायर का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि यूक्रेन की ओर से कोई हवाई हमला नहीं किया जाएगा और रूस को भी इसी तरह की पहल करनी चाहिए।
बातचीत के लिए चाहिए शांत माहौल
जेलेंस्की ने कहा कि दोनों पक्षों को बातचीत और अमेरिकी प्रतिनिधियों की यात्रा से जुड़ी लॉजिस्टिक तैयारियों के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। इसके लिए कुछ समय तक हवाई हमले रोकना एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि अगर रूस भी हमले रोकने पर सहमत होता है तो इससे बातचीत के लिए बेहतर वातावरण तैयार हो सकता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यूक्रेन अमेरिकी दूतों के दौरे को लेकर आशावान है और अब यह देखना चाहता है कि स्टीव विटकोफ और जेरेड कुशनर मॉस्को तथा कीव के लिए क्या प्रस्ताव लेकर आते हैं।
रूस के रुख पर टिकी नजर
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन की प्राथमिकता युद्ध को खत्म करने के लिए वास्तविक विकल्प तलाशना है। उनका कहना है कि यह संघर्ष लंबे समय से जारी है और अब इसे समाप्त करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाने की जरूरत है।
अब सभी की नजर रूस की प्रतिक्रिया पर है। अगर मॉस्को भी हवाई हमलों को अस्थायी रूप से रोकने के प्रस्ताव पर सहमति जताता है, तो इसे दोनों देशों के बीच शांति वार्ता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।
हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि रूस जेलेंस्की के इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाता है। अमेरिकी दूतों की मॉस्को और कीव यात्रा के बाद शांति वार्ता को लेकर आगे की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।
Zaman Times