नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ऑनलाइन निवेश और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी के तीन मामले सामने आए हैं। ठगों ने आकर्षक रिटर्न का लालच देकर एक महिला समेत तीन लोगों को अपने जाल में फंसाया और अलग-अलग बैंक खातों में लाखों रुपये ट्रांसफर कराए। तीनों मामलों में पीड़ितों ने कुल 76 लाख 28 हजार 335 रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत की है। पुलिस ने मामले दर्ज कर संबंधित बैंक खातों और लेनदेन की जांच शुरू कर दी है।
WhatsApp ग्रुप के जरिए निवेश का झांसा
नोएडा निवासी 50 वर्षीय सौरिन चंद्र बुरागोहेन ने शिकायत में बताया कि उन्हें एक WhatsApp ग्रुप में जोड़ा गया था। ग्रुप में आईपीओ और प्री-आईपीओ शेयरों में निवेश के जरिए बेहतर रिटर्न मिलने की जानकारी दी जाती थी। कुछ समय बाद उन्हें एक एआई आधारित ऐप के माध्यम से निवेश करने के लिए कहा गया।
शिकायत के अनुसार, उन्होंने 8 हजार प्री-आईपीओ शेयर खरीदने के लिए करीब 6 लाख रुपये लगाए। इसके बाद ऐप में उनके नाम पर 32 हजार शेयर दिखाए जाने लगे। उनसे आगे करीब 18 लाख रुपये जमा करने के लिए कहा गया।
रकम की मांग बढ़ने पर उन्हें संदेह हुआ और उन्होंने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित के मुताबिक, करीब 12 हजार रुपये उन्हें वापस मिले, जबकि साइबर कार्रवाई के बाद लगभग 4 लाख रुपये की एक रकम होल्ड की गई। हालांकि, यह राशि अभी उनके खाते में वापस नहीं आई है।
महिला से अलग-अलग ट्रांजेक्शन में ठगी
दूसरे मामले में बरौला निवासी 38 वर्षीय आकांक्षा बाजपेई ने शिकायत दर्ज कराई है। उनके मुताबिक, 27 जुलाई 2025 को उनके साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की गई।
पीड़िता ने अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 8 लाख 40 हजार 235 रुपये ट्रांसफर किए। शिकायत में बताया गया है कि रकम कई किस्तों में अलग-अलग खातों में भेजी गई थी।
ठगी का पता चलने के बाद उन्होंने साइबर क्राइम वेबसाइट पर शिकायत की। इसके बाद पुलिस से मामले में एफआईआर दर्ज कर रकम की बरामदगी की मांग की गई है।
Telegram ग्रुप में जोड़कर 61 लाख से ज्यादा की ठगी
तीसरा मामला ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-1 निवासी 52 वर्षीय शैलेश कुमार से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, उन्हें उनकी अनुमति के बिना एक Telegram ग्रुप में जोड़ दिया गया था।
ग्रुप में ट्रेडिंग से रोजाना भारी मुनाफा होने के दावे किए जाते थे। वहां दिखाए जा रहे मुनाफे के स्क्रीनशॉट देखकर शैलेश ने वर्षा कैपिटल ऐप पर अपना पंजीकरण कराया।
इसके बाद उन्होंने जुलाई और अगस्त 2026 के दौरान अलग-अलग बैंक खातों में कुल 61 लाख 88 हजार 100 रुपये जमा किए। जब उन्होंने निवेश की रकम निकालने के लिए आवेदन किया तो उनसे कथित तौर पर अतिरिक्त 12 प्रतिशत रकम जमा करने को कहा गया।
इस मांग के बाद उन्हें शक हुआ। शिकायत के मुताबिक, इसके बाद उनका ऐप अकाउंट भी लॉक कर दिया गया और वह अपनी जमा रकम निकाल नहीं सके।
बैंक खातों और लेनदेन की जांच
तीनों मामलों में साइबर क्राइम पुलिस ने शिकायतों के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अलग-अलग बैंक खातों में भेजी गई रकम, लेनदेन की कड़ियों और डिजिटल माध्यमों के जरिए संपर्क करने वाले लोगों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस का फोकस यह पता लगाने पर भी है कि ठगी की रकम किन खातों में पहुंची और उसे आगे कहां ट्रांसफर किया गया।
ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली ऐसी धोखाधड़ी में ठग अक्सर WhatsApp या Telegram ग्रुप के जरिए लोगों को जोड़ते हैं। इसके बाद फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म या ऐप पर बढ़ते मुनाफे का आंकड़ा दिखाकर पीड़ितों से लगातार और रकम जमा कराई जाती है। रकम निकालने के समय टैक्स, फीस या अतिरिक्त निवेश के नाम पर और पैसे मांगे जाते हैं।
Zaman Times