नोएडा प्राधिकरण जल्द ही बोरवेल के पानी का इस्तेमाल बंद कर देगा और इसके लिए रेनवेल की संख्या बढ़ाई जा रही है। वर्तमान में नौ रेनवेल संचालित हैं, जिनमें से दो का संचालन जल्द शुरू होगा और उनका नवीनीकरण किया जा रहा है। इसके अलावा सात नए रेनवेल बनाए जाएंगे।
अब तक बोरवेल और प्रताप विहार प्लांट से आने वाले गंगाजल में रेनवेल का पानी मिलाकर कुल 406 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जाती रही है। नए रेनवेल बनने के बाद बोरवेल का पानी इस्तेमाल नहीं किया जाएगा और सीधे गंगाजल में रेनवेल का पानी मिलाकर सप्लाई की जाएगी।
नवंबर-दिसंबर से एक्सप्रेसवे से जुड़े सेक्टरों में भी गंगाजल की सप्लाई शुरू हो जाएगी, जहां 37.5 क्यूसेक पानी की आपूर्ति अंतिम चरण में है। वर्तमान में 240 एमएलडी गंगाजल मिल रहा है।
रेनवेल से मिलने वाले पानी की सप्लाई शुरू होने के बाद लगभग छह लाख लोगों को इसका लाभ मिलेगा। नए रेनवेल के लिए स्थान चिह्नित कर दिए गए हैं और टेंडर जारी कर निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। एनसीआर में भूजल दोहन पर रोक के चलते, नोएडा पहला ऐसा शहर बन जाएगा जो बोरवेल के पानी का इस्तेमाल नहीं करेगा।
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