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गुरु में अडिग आस्था: बटुकों ने जताया भरोसा, शंकराचार्य मठ में लौटी रौनक

 

प्रयागराज के माघ मेले के बाद काशी के श्री विद्या मठ में रहने वाले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सुर्खियों में हैं। हाल ही में दो बटुकों ने उन पर यौन शोषण का आरोप लगाया था, जिस पर प्रयागराज की झूंसी पुलिस ने शंकराचार्य और उनके शिष्य मुकुंदानंद महाराज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

हालांकि, शंकराचार्य के वकीलों ने मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में उठाया और शुक्रवार को कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए उन्हें राहत दी। इस खबर के बाद मठ में खुशी का माहौल देखने को मिला।

श्री विद्या मठ में सैकड़ों बटुक धर्म और अध्यात्म की शिक्षा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने गुरु पर पूरा भरोसा है और यह आरोप उनके खिलाफ रची गई बड़ी साजिश का हिस्सा हैं।

बटुक आर्यन पांडेय ने कहा, “हम गुरुजी के सानिध्य में 2012 से रह रहे हैं। इतने समय में कभी कोई अनुचित व्यवहार नहीं हुआ। लगाए गए आरोप फर्जी हैं और कोर्ट ने भी इसकी पुष्टि की है। अब राहत मिलने पर ऐसा लग रहा है कि सत्य की जीत हुई।”

आदर्श पाठक ने कहा, “हम तीन साल से यहां रह रहे हैं। जो आरोप लगाए गए हैं, वह सोचने में भी पाप हैं। इतने बड़े संत को मनगढ़ंत तरीकों से बदनाम किया जा रहा है। आज हम सभी बहुत खुश हैं कि कोर्ट ने राहत दी।”

कुश तिवारी ने बताया, “हम सैकड़ों बटुक मिलकर गुरुजी के मार्गदर्शन में सनातन धर्म का प्रचार कर रहे हैं। मठ का वातावरण बहुत अच्छा है। आरोप लगाकर उन्हें फंसाया जा रहा है ताकि उनकी गाय माता के लिए चल रही मुहिम प्रभावित हो।”

प्रीतम पांडेय ने कहा, “देश के धर्म परंपरा को मानने वाले लोग जानते हैं कि हमारे शंकराचार्य कैसे हैं। हमें पूरा भरोसा है कि सत्य की जीत होगी और झूठ हार जाएगा।”

सार्थक चौबे, जो बिहार से आए हैं, ने कहा, “माघ मेले के दौरान संन्यासियों के साथ अनुचित व्यवहार हुआ। इसे रोकना चाहिए था। ऐसा होना गलत था।”

विवाद संगम स्नान को लेकर शुरू हुआ। मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य अपने शिष्यों के साथ संगम स्नान के लिए गए, लेकिन पुलिस ने उनकी पालकी रोक दी। इसके बाद बटुकों की चोटी पकड़कर उन्हें पीटा गया। विवाद बढ़ने पर शंकराचार्य को अपने शिविर लौटना पड़ा और वह 14-15 दिन तक शिविर के बाहर बैठे रहे। इसी बीच उन पर विभिन्न आरोप लगाए गए, जिनमें यौन शोषण के आरोप भी शामिल थे।

मठ के बटुकों का मानना है कि उनके गुरु पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से झूठे हैं और सत्य अंततः विजयी होगा।

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