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पीएम मोदी की मौजूदगी में गूंजी हिंदी: इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने ‘परिश्रम’ का महत्व समझाकर जीता सबका दिल

 

अंतरराष्ट्रीय डेस्क इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भारत और इटली के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों की सराहना की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली यात्रा के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है, जिसमें जॉर्जिया मेलोनी पीएम मोदी के सामने हिंदी कहावत का इस्तेमाल करती नजर आ रही हैं। मेलोनी ने पीएम मोदी से कहा, “आपकी यह यात्रा हमारे लिए एक बड़ा सम्मान है और यह दोनों देशों के संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ेगी।”

मेलोनी ने हिंदी में समझाया ‘परिश्रम’ का महत्व

बातचीत के दौरान जॉर्जिया मेलोनी ने भारत के एक बेहद लोकप्रिय शब्द का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “भारत में ‘परिश्रम’ शब्द बहुत प्रचलित है, जो हमारे दोनों देशों के रिश्तों को पूरी तरह से परिभाषित करता है। इसका अर्थ होता है कड़ी मेहनत। मुझे पता है कि भारत में एक बहुत ही प्रसिद्ध कहावत है— ‘परिश्रम ही सफलता की कुंजी है’। इसका सीधा मतलब यह है कि कड़ी मेहनत ही कामयाबी का मार्ग प्रशस्त करती है। हम भी अपने आपसी संबंधों को इसी विचार के साथ आगे बढ़ा रहे हैं, जहाँ हमारी कड़ी मेहनत अंततः बड़ी सफलता में तब्दील होगी।”

भारत और इटली के संबंध हुए और भी मजबूत

इतालवी प्रधानमंत्री ने दोनों देशों की बढ़ती नजदीकियों पर जोर देते हुए कहा:

  • रणनीतिक साझेदारी: रोम में आयोजित इस बैठक के बाद भारत और इटली के संबंध अब विशेष रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। अब दोनों देश पहले से कहीं ज्यादा करीब हैं।

  • पीएम मोदी के नेतृत्व की तारीफ: मेलोनी ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से पीएम मोदी के दृष्टिकोण, व्यावहारिक रवैये और उनके नेतृत्व की सराहना करना सीखा है। इतने वर्षों तक सरकार में रहने के बाद भी नागरिकों के बीच उनकी लोकप्रियता इस बात का प्रमाण है। उन्होंने यह भी माना कि दोनों नेताओं की दोस्ती ने आपसी कार्यों को गति देने में बड़ी भूमिका निभाई है।

इन प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का लक्ष्य

जॉर्जिया मेलोनी ने बताया कि दोनों देशों का उद्देश्य कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आपसी तालमेल को बढ़ावा देना है, जिस पर बैठक में विस्तार से चर्चा की गई है। इन प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं:

  • एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग

  • इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचा)

  • ऊर्जा और अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था

  • रक्षा और महत्वपूर्ण खनिज

  • कृषि-उद्योग और समुद्री परिवहन

  • पर्यटन और संस्कृति

उन्होंने अंत में कहा कि आज जिन महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए जा रहे हैं, वे इसी दिशा में बढ़ाया गया एक बड़ा कदम हैं, जिनका मकसद अलग-अलग क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करना है।

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