Noida में श्रमिकों के लिए बड़ी पहल की जा रही है। करीब 4 हजार मजदूरों को सस्ती और सुविधाजनक रहने की व्यवस्था देने के लिए चार हॉस्टल बनाए जाएंगे। इन हॉस्टलों में श्रमिकों को कम लागत में रहने और खाने-पीने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उनका जीवन स्तर बेहतर हो सके।
योजना के तहत दो हॉस्टल का निर्माण नोएडा प्राधिकरण द्वारा पीपीपी मॉडल (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) पर किया जाएगा। वहीं, बाकी दो हॉस्टल श्रम कल्याण बोर्ड के साथ संयुक्त उद्यम (ज्वाइंट वेंचर) में बनाए जाएंगे।
इन सभी हॉस्टलों के लिए एक-एक एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। प्रत्येक हॉस्टल में लगभग 1,000 श्रमिकों के रहने की क्षमता होगी। इन्हें औद्योगिक सेक्टरों के पास विकसित किया जाएगा, ताकि काम पर आने-जाने में श्रमिकों का समय और खर्च दोनों कम हो।
औद्योगिक संगठनों की ओर से लंबे समय से श्रमिकों के लिए सस्ते आवास की मांग की जा रही थी। इस पहल को उसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। फिलहाल हॉस्टल निर्माण पर फोकस किया गया है, लेकिन भविष्य में श्रमिकों के लिए आवासीय योजनाएं भी लाई जा सकती हैं।
इसके अलावा, प्राधिकरण ने दो भूखंड रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) के लिए भी चिन्हित किए हैं, जिन्हें कंपनियों को आवंटित किया जाएगा। यहां उद्योगों से जुड़ी नई तकनीकों और नवाचारों पर काम किया जाएगा। साथ ही, दो अन्य भूखंड कौशल विकास केंद्रों के लिए निर्धारित किए गए हैं, जिससे श्रमिकों को ट्रेनिंग और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
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