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मुंबई में बिना अनुमति सड़कों पर चल रहे ओला और रैपिडो के वाहनों पर कार्रवाई शुरू, शिकायत के आधार पर FIR दर्ज।

 

मुंबई के अंबोली पुलिस स्टेशन में रैपिडो और ओला ऐप के खिलाफ अवैध रूप से यात्रियों को लाने-ले जाने के लिए FIR दर्ज की गई है. शिकायतकर्ता ने बताया कि कंपनी ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट से कोई परमिशन लिए बिना सरकार और यात्रियों को धोखा देकर काम कर रही है.

FIR में बताया गया है कि मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 93 के प्रावधानों के अनुसार, महाराष्ट्र बाइक टैक्सी नियम 2025 और मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशा-निर्देश 2020 के अनुसार, ऐप आधारित यात्री परिवहन के लिए ऑपरेटरों को परमिशन लेना अनिवार्य है, लेकिन उक्त कंपनी ऐसे किसी भी प्रावधान का पालन किए बिना यात्री परिवहन कर रही है.

निजी वाहनों में नहीं किया जा सकता है यात्री परिवहन

मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 66 के अनुसार, निजी वाहनों में यात्री परिवहन नहीं किया जा सकता है और यदि वे ऐसा करते हैं, तो वे मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 192 के तहत कार्रवाई के लिए उत्तरदायी होंगे. हालांकि, उक्त कंपनी इन प्रावधानों का उल्लंघन कर रही है और यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ कर रही है और अवैध यात्री परिवहन कर रही है.

मोटर वाहन एग्रीगेटर नियम, 2020 के नियम संख्या 15 और 17 के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार ने 19 जनवरी, 2023 की अधिसूचना के अनुसार, एग्रीगेटिंग और राइड पूलिंग के उद्देश्य से गैर-परिवहन वाहनों (दोपहिया, तिपहिया, चौपहिया) के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है. हालांकि, वर्तमान में यह बताया जा रहा है कि रैपिडो और ओला ऐप के माध्यम से निजी दोपहिया वाहनों की ओर से अवैध यात्री परिवहन किया जा रहा है.

बैकग्राउंड चेक नहीं, यात्रियों के लिए सफर असुरक्षित

इस कंपनी के ड्राइवरों का कोई बैकग्राउंड चेक या अन्य सुरक्षा जांच नहीं की जाती है. यह महिला यात्रियों के लिए असुरक्षित है. रोपेन ट्रांसपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के नाम से रैपिडो ऐप ने RTA पुणे में आवेदन किया था. RTA पुणे के 20 दिसंबर, 2022 के प्रस्ताव ने उन्हें किए गए उक्त आवेदन को खारिज कर दिया है. उक्त प्रस्ताव के खिलाफ, रोपेन ट्रांसपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (रैपिडो) ने मुंबई हाई कोर्ट में एक रिट याचिका, संख्या 15991/2022 दायर की गई थी.

मुंबई हाई कोर्ट ने 13 जनवरी, 2023 को एक आदेश पारित कर उक्त कंपनी को अपनी सेवा बंद करने का निर्देश दिया. रोपेन ट्रांसपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (रैपिडो) ने सुप्रीम कोर्ट में SLP 3006/2023 दायर की थी. इसे हाई कोर्ट ने भी खारिज कर दिया था. रैपिडो को मुंबई हाई कोर्ट के आदेशों की अवमानना का दोषी पाया गया है. वहीं, 18 नवंबर, 2025 को हमारे छठे क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने बार-बार उल्लंघन के बाद ऑफिस ऑर्डर जारी किया और 5 दिसंबर को अंबोली पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई.

बिना वैध लाइसेंस के महाराष्ट्र में दौड़ रही ओला और रैपिडो

रैपिडो और ओला कंपनियों को महाराष्ट्र राज्य सरकार और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण की ओर से आज तक बाइक-टैक्सी (पेट्रोल इंजन वाली दोपहिया वाहन) की श्रेणी में कोई लाइसेंस/परमिट नहीं दिया गया है, उक्त कंपनियां मुंबई शहर में बिना अनुमति के और अवैध ऑनलाइन ऐप के माध्यम से बाइक-टैक्सी चला रही हैं और इन ऐप के माध्यम से अवैध रूप से यात्रियों को ले जा रही हैं और यात्रियों से वित्तीय लाभ प्राप्त कर रही हैं.

चूंकि वे इस अवैध यात्री परिवहन के माध्यम से सरकार को धोखा दे रहे हैं, साथ ही, परिवहन आयुक्त के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से यात्रियों को परिवहन न करने के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए रैपिडो और ओला ऐप की ऑनलाइन सुविधाएं अवैध रूप से प्रदान कर रहे हैं.

किन-किन धाराओं में दर्ज किया गया एफआईआर

सरकार की ओर से रैपिडो और ओला कंपनियों के निदेशकों के खिलाफ एक कानूनी शिकायत दर्ज की गई है, जो उपरोक्त वाहन चालकों को अवैध रूप से यात्रियों को परिवहन करने के लिए प्रोत्साहित करके वित्तीय लाभ प्राप्त कर रहे हैं. इस मामले में मोटर वाहन अधिनियम की धारा 66, 93, 192A, 193, 197 और BNS धारा 318(3), 223 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है.

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