भोपाल: समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध में आयोजित एक रैली में AIMIM प्रमुख और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने Gen-Z युवाओं को संबोधित करते हुए शादी और पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने मंच से कहा कि “अच्छा मर्द वही है, जो अपनी बीवी की गुलामी करता है।” यह बयान उन्होंने भोपाल में आयोजित जनसभा के दौरान दिया।
Gen-Z से ओवैसी ने पूछे कई सवाल
रैली के दौरान ओवैसी ने युवाओं से पूछा कि क्या वे बदलाव लाने के लिए तैयार हैं। भीड़ की ओर से जवाब में “इंशाअल्लाह” कहा गया।
इसके बाद उन्होंने युवाओं से धार्मिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों से जुड़े कई सवाल किए। उन्होंने पूछा कि क्या वे कुरान और सुन्नत को अपने जीवन में महत्व देंगे, मस्जिदों को आबाद रखेंगे, माता-पिता की सेवा करेंगे और अपनी बहनों को उनका हिस्सा देंगे।
इन सवालों पर भीड़ ने हामी भरते हुए जवाब दिया।
‘बीवी की गुलामी’ वाले बयान पर क्या बोले?
इसके बाद ओवैसी ने युवाओं से पूछा कि क्या वे अपनी बीवियों की “गुलामी” करेंगे। भीड़ की प्रतिक्रिया के बाद उन्होंने कहा कि इसमें डरने या चिंता करने की कोई बात नहीं है।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपनी पत्नी की “गुलामी” करता है, वही अच्छा मर्द है। अपने परिवार का उदाहरण देते हुए ओवैसी ने अपनी दाढ़ी का जिक्र भी किया और कहा कि उनकी दाढ़ी धूप में नहीं, बल्कि घर में सफेद हुई है।
UCC को लेकर भी ओवैसी ने साधा निशाना
भोपाल की सभा में ओवैसी ने UCC को लेकर भी केंद्र और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और असम में UCC की दिशा में उठाए गए कदमों का उद्देश्य मुसलमानों को निशाना बनाना है।
ओवैसी ने दावा किया कि यह कानून समानता के उद्देश्य से नहीं लाया जा रहा, बल्कि गैर-हिंदू समुदायों पर हिंदू व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े प्रावधान लागू करने की कोशिश है। यह उनके द्वारा लगाया गया राजनीतिक आरोप है।
संविधान के प्रावधानों का भी किया जिक्र
ओवैसी ने UCC के विरोध में संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 का उल्लेख किया। उनका कहना था कि धार्मिक स्वतंत्रता को खत्म करके UCC लागू नहीं किया जा सकता।
उन्होंने भाजपा के साथ गठबंधन करने वाले दलों से भी UCC पर अपना रुख स्पष्ट करने की अपील की। ओवैसी ने कहा कि यदि NDA के सहयोगी दलों को इस मुद्दे पर भाजपा की विचारधारा से कोई असहमति है, तो उन्हें अपना रुख सार्वजनिक करना चाहिए।
UCC को लेकर जारी है राजनीतिक बहस
UCC को लेकर केंद्र और विभिन्न राज्यों में राजनीतिक बहस जारी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल में NDA शासित राज्यों में 2029 से पहले UCC लागू करने की बात कही थी। इसके बाद NDA के कुछ सहयोगी दलों ने अलग-अलग स्तर पर परामर्श और हितधारकों से चर्चा की जरूरत बताई है।
वहीं, ओवैसी लगातार UCC के प्रस्ताव और उसके अलग-अलग राज्यों में लागू किए जाने का विरोध कर रहे हैं। भोपाल की सभा में उनका भाषण इसी राजनीतिक बहस के बीच सामने आया।
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