इटावा में रविवार दिन और रात कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे ने जनजीवन के साथ रेल यातायात को भी बुरी तरह प्रभावित किया। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को जिले का न्यूनतम तापमान करीब 7 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान लगभग 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से लेकर रात तक ठंड और कोहरे का असर बना रहा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रविवार सुबह इटावा में घना कोहरा छाया रहा और तापमान करीब 7 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। दृश्यता काफी कम होने के कारण ट्रेनों की रफ्तार धीमी रही। ठंडी हवाओं ने सर्दी का असर और बढ़ा दिया। दोपहर तक भी धूप नहीं निकली और मौसम पूरी तरह ठंडा बना रहा। दोपहर में अधिकतम तापमान करीब 12 से 13 डिग्री सेल्सियस तक ही पहुंच सका। शाम होते ही ठंड फिर बढ़ गई और पारा गिरकर लगभग 9 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया।
कोहरे और सर्द हवाओं का सीधा असर रेल संचालन पर पड़ा। रविवार को इटावा जंक्शन पर महानंदा एक्सप्रेस और आगरा लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस को रद्द कर दिया गया। इसके अलावा 32 से अधिक ट्रेनें एक घंटे से लेकर साढ़े दस घंटे तक की देरी से स्टेशन पर पहुंचीं। रात में आने वाली कई ट्रेनें सुबह जंक्शन पर पहुंचीं, जिससे यात्रियों को सर्द हवाओं के बीच घंटों इंतजार करना पड़ा।
ट्रेनों के रद्द होने और लेटलतीफी के कारण यात्री प्लेटफार्म पर बैठे नजर आए। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ठंड से बचने के लिए कई यात्री सर्कुलेटिंग एरिया में आग जलाकर बैठे रहे, जबकि कुछ यात्रियों ने स्टेशन के बाहर प्रशासन द्वारा बनाए गए रैन बसेरे का सहारा लिया।
अप लाइन में कैफियत एक्सप्रेस 10 घंटे 40 मिनट, पूर्वा एक्सप्रेस 2 घंटे 55 मिनट, फरक्का एक्सप्रेस 3 घंटे 53 मिनट, मुरी एक्सप्रेस 4 घंटे और कालका मेल करीब डेढ़ घंटे की देरी से इटावा पहुंची। इसके अलावा आम्रपाली, अवध, वैशाली, संगम, मगध और शताब्दी एक्सप्रेस भी घंटों लेट रहीं।
डाउन लाइन में भी हालात खराब रहे। ऊंचाहार एक्सप्रेस 9 घंटे 41 मिनट, कैफियत एक्सप्रेस 7 घंटे 50 मिनट, पटना कोटा एक्सप्रेस 4 घंटे 25 मिनट और प्रयागराज लालगढ़ एक्सप्रेस 2 घंटे 25 मिनट की देरी से जंक्शन पर पहुंचीं। ट्रेनों के पहुंचने के बाद ही यात्रियों को कुछ राहत मिल सकी।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी कोहरा और सर्दी का असर बने रहने की संभावना है, जिससे रेल यात्रियों की मुश्किलें अभी और बढ़ सकती हैं।
Zaman Times