उत्तर प्रदेश में 31 मई को दो महत्वपूर्ण परीक्षाएं एक ही दिन आयोजित होने जा रही हैं, जिससे हजारों अभ्यर्थियों की परेशानी बढ़ गई है। एक ओर बीएड प्रवेश परीक्षा आयोजित होगी, वहीं दूसरी ओर राजकीय डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा भी उसी दिन कराई जाएगी। दोनों परीक्षाओं की तिथि टकराने से ऐसे उम्मीदवार मुश्किल में पड़ गए हैं जिन्होंने दोनों के लिए आवेदन किया है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि अब उन्हें मजबूरी में किसी एक परीक्षा को छोड़ना पड़ेगा। परीक्षा तिथियों में बदलाव की मांग को लेकर कई छात्रों ने संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा था, लेकिन फिलहाल कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
राजकीय डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा 1253 पदों के लिए आयोजित की जाएगी। इस भर्ती प्रक्रिया के लिए करीब 1.15 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। सबसे अधिक आवेदन हिंदी विषय में आए हैं, जबकि इतिहास और राजनीति विज्ञान भी प्रमुख विषयों में शामिल हैं।
वहीं, बीएड प्रवेश परीक्षा के लिए 4 लाख 41 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। परीक्षा प्रदेश के अधिकांश जिलों में आयोजित होगी और इसके लिए 1000 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। वाराणसी में सबसे अधिक 106 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, बीएड प्रवेश परीक्षा के एडमिट कार्ड 21 मई की रात 12 बजे के बाद आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे, जहां से अभ्यर्थी उन्हें डाउनलोड कर सकेंगे।
इसके अलावा जून महीने में भी परीक्षाओं की तिथियों को लेकर अभ्यर्थियों की चिंता बनी हुई है। 13 जून को एलटी ग्रेड मुख्य परीक्षा प्रस्तावित है, जबकि 14 जून को जीआईसी प्रवक्ता प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की जाएगी। लगातार दो दिनों में अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाएं होने से तैयारी कर रहे छात्रों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।
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