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सावन का तीसरा सोमवार: काशी में 3 किमी लंबी कतार, रात से उमड़े श्रद्धालु — बाबा विश्वनाथ के अर्धनारीश्वर स्वरूप के किए दर्शन, कांवड़ियों पर अधिकारियों ने बरसाए फूल | Varanasi News

 

सुबह 4 बजे बाबा की मंगला आरती हुई। इसके बाद भक्तों के लिए मंदिर के कपाट खोले गए। काशी विश्वनाथ धाम डमरू और शंख की ध्वनि से गूंजता रहा।

भक्त “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारे लगाते रहे। कांवड़ियों पर मंदिर प्रशासन ने पुष्प वर्षा की। वहीं शिवभक्तों और कांवड़ियों के लिए जिला प्रशासन ने रेड कारपेट बिछाया है।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एंड टू एंड बैरिकेडिंग की व्यवस्था की है। इससे वे सीधे घाट से धाम तक बिना किसी अवरोध के पहुंच सकें।

श्रावण में श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में सुविधा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में बहुभाषी कर्मियों के साथ खोया पाया केंद्र संचालित हो रहा है। धाम में चिकित्सा कर्मियों की ड्यूटी के साथ एम्बुलेंस की भी व्यवस्था है, जिससे आकस्मिक आवश्यकता पड़ने पर समय से उचित चिकित्सा मुहैया की जा सके।

बारिश, धूप व गर्मी से बचाव के लिए अतिरिक्त शेड, जर्मन हैंगर लगे हैं। संपूर्ण धाम मे गुड़ के साथ शीतल शुद्ध पेयजल उपलब्ध है। श्रद्धालुओं को पानी के साथ ओआरएस भी दिया जा रहा है। भक्तों की सुविधा के लिए कई स्थानों पर एलईडी टीवी लगाकर गर्भगृह के दर्शन पूजन का सजीव प्रसारण किया जा रहा है।

पुलिस सुबह और देर रात सुरक्षा का जायजा लिया।

मैदागिन से गोदौलिया नो व्हीकल जोन श्री काशी विश्वनाथ न्यास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि सोमवार को गोदौलिया से मैदागिन नो व्हीकल जोन रहेगा।

मंदिर प्रशासन की ओर से गोदौलिया से गेट नंबर-4 व मैदागिन से गेट नंबर-4 तक धाम में दर्शन के लिए आने वाले, वृद्ध दिव्यांगजन,अशक्त दर्शनार्थियों के लिए ई-रिक्शा का संचालन किया जाएगा।

महिला कांवड़ियों की सुविधाओं-सुरक्षा पर विशेष नजर पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया-सभी कांवड़ मार्ग पर महिला पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके साथ ही बड़ी तादाद में महिला पुलिस कॉन्स्टेबल की तैनाती की गई है।

सभी थानों, स्थाई और अस्थाई पुलिस चौकियों पर अतिरिक्त महिला पुलिस बल तैनात है। इसके अलावा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर समेत घाटों पर महिला पुलिस तैनात है।

पुलिस कर्मियों को सॉफ्ट स्किल का प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे वे सभी श्रद्धालुओं से सम्मान और शिष्टाचार से पेश आएं। जरूरत पड़ने पर उनकी सभी प्रकार की मदद करें।

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