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बाबा सिद्दीकी-अतीक हत्याकांड में शूटरों का एक ही मकसद: यूपी के लड़कों की सनसनी, कम उम्र, मनबढ़ होना, रातोंरात नाम कमाना, माफिया बन जाना बना ट्रेंड – Prayagraj (Allahabad) News

 

मुंबई में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी शूटआउट कांड देशभर में सुर्खियों में है। आर्थिक राजधानी मुंबई के इस हत्याकांड की कड़ी यूपी से जुड़ गई है। यानि उत्तर प्रदेश के बहराइच के रहने वाले धर्मराज कश्यप और शिव उर्फ शिव गौतम ने मुंबई में सनसनी फैलाई। सुपारी कि

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अपराध की दुनिया में यूपी के युवकों की धमक की कहानी लगातार सामने आ रही है। बाबा सिद्दीकी हत्याकांड और यूपी के टॉप माफिया अतीक-अशरफ हत्याकांड की कहानी और शूटरों की जुबानी एक तरह की ही नजर आई है।

अतीक-अशरफ हत्याकांड में एसआईटी ने अपनी जो चार्जशीट दाखिल की है उसमें इतने बड़े हत्याकांड का आधार सीधे तौर पर यही माना है कि अपराध की दुनिया में नाम कमाने, रातों रात टीवी पर छाना और माफिया बन जाना मकसद था।

दोनों ही हत्याकांड की कई थ्योरी मिलती जुलती है। शूटरों का क्रम होना और मनबढ़ होना सबसे अहम है। अतीक हत्याकांड के आरोप पत्र में लिखा गया है कि तीनों शूटर मनबढ़ थे तभी ऐसी योजना बनाई और उस पर अमल कर गए।

स्पेशल ऑटाेमेटिक हथियारों तक पहुंच

मुंबई हत्यकांड में भी यूपी के शूटरों के मनबढ़ होने की ही कहानी सामने दिख रही है। बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में भी ऑटोमेटिक हाथियार इस्तेमाल हुए ताकि चूक न हो जाए। इसी प्रकार अतीक-अशरफ हत्याकांड में भी तुर्किये की जिगाना पिस्टल का इस्तेमाल हुआ। बाबा सिद्दीकी की हत्या के लिए लॉरेंस विश्नोई गैंग ने महंगे हथियार उपलब्ध कराए तो

अतीक-अशरफ हत्याकांड में कुख्यात शूटर जितेंद्र गोगी द्वारा जिगाना पिस्टल मुहैया कराई गई थी। जितेंद्र गोगी की गिनती दिल्ली के मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर्स में होती थी, जिसकी 2021 में दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में हत्या कर दी गई थी।

अतीक-अशरफ हत्याकांड के शूटरों की उम्र भी 18 से 24

बहुचर्चित अतीक-अशरफ हत्याकांड को यूपी के बांदा जिले के लवलेश तिवारी, हमीरपुर जिले के रहने वाले सनी सिंह और कासगंज के अरुण मौर्या ने अंजाम दिया था। तीनों की उम्र 18 से 24 साल के बीच ही है। अरुण मौर्या की उम्र को लेकर तो सवाल उठे थे कि उसकी उम्र 18 से कम है। कासगंज में बने राशन कार्ड के हिसाब से तो अरुण मौर्या की उम्र 18 साल से कम आ गई थी। हालांकि बाद में साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उसे बालिग बताया।

2000 पेज की केस डायरी, 56 पेज का आरोप पत्र

देश-विदेश में सबसे ज्यादा चर्चा में रहे माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। एसआईटी की 2000 पेज की केस डायरी और 56 पेजों की चार्जशीट महज तीन शूटरों ही आरोपी हैं। चौथा बड़ा नाम इन शूटरों के मुंह से नहीं खुलवाया जा सका। केस डायरी और आरोप पत्र में 200 से अधिक गवाहों को शामिल किया है। चश्मदीद गवाहों में अतीक-अशरफ की सुरक्षा में लगे 21 पुलिसकर्मी, 11 मीडिया कर्मी, और अस्पताल गेट से लेकर घायलों का इलाज करने वाले 16 से अधिक अस्पताल कर्मी हैं।

सीसीटीवी कैमरों की 70 फुटेज और 15 वीडियो रिकॉडिंग के तौर पर अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं। वैज्ञानिक साक्ष्यों पर खास जोर दिया है। फुटेज, मोबाइल की रिकॉडिंग के साथ ही फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट को अहम बनाया है। विदेशी असलहों पर उंगलियों के निशान, अतीक-अशरफ की उंगलियों के निशान और आरोपितों के हाथों के निशानों को जोड़ा है।

तुर्किये की जिगाना भी जोड़ न सकी कड़ी

अतीक-अशरफ की हत्या में इस्तेमाल हुई तुर्किये की ऑटोमेटिक पिस्टल जिगाना सर्वाधिक चर्चा में रही। विदेशी पिस्टल के सहारे एसआईटी जांच को आगे ले जाने में सफल नहीं हो सकी। हत्यारोपियों ने कुबूल किया कि जो पिस्टल हत्याकांड में इस्तेमाल की गई वह मेरठ के बदमाश कुख्यात शूटर जितेंद्र गोगीं ने दो साल पहले सनी सिंह को दी थी। जितेंद्र गोगी की गिनती दिल्ली के मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर्स में होती थी, जिसकी 2021 में दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में हत्या कर दी गई थी। गोगी की मौत के कारण विदेशी पिस्टल से अतीक की हत्या का राज भी बाहर नहीं आ सका। शूटरों ने बयान दिया कि तुर्किये की पिस्टल मेरठ से दिल्ली भागते समय जितेंद्र गोगी ने सनी सिंह को रखने के लिए दी थी। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में लवलेश के मैसेज को भी दर्ज किया है। उसने सोशल मीडिया पर जिगाना पिस्टल के साथ अपनी फोटो लगाकर लिखा था, ‘जिस दिन दिमाग खराब हुआ, उस दिन करूंगा सबका हिसाब।’

Source Agency News

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