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डाकघर तक सफर हुआ खतरनाक, सिद्धार्थनगर में लोग घुटने भर पानी में और दीवार फांदकर जा रहे हैं।

 

सिद्धार्थनगर के इटवा नगर पंचायत इटवा के वार्ड नंबर 8 में स्थित डाकघर तक पहुंचना इन दिनों किसी रोमांचक सफर से कम नहीं है। तहसील मुख्यालय से महज 150 मीटर की दूरी पर बने इस डाकघर के चारों ओर पानी और कीचड़ का साम्राज्य है। हालत यह है कि लोग घुटने भर पानी में चलकर या दीवार फांदकर डाकघर पहुंचने को मजबूर हैं।

बिस्कोहर रोड स्थित यह डाकघर कई वर्षों से कच्ची सड़क और जल निकासी की समस्या से जूझ रहा है। हल्की सी बरसात होते ही सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है। दोपहिया वाहन फंस जाते हैं, और पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दिनों में यह रास्ता पूरी तरह दुर्गम हो जाता है। कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, स्थानीय निवासियों ने बताया।

दीवार फांदना अब आम बात

एक नागरिक ने बताया, “पानी इतना भर जाता है कि दरवाजे से अंदर जाना संभव नहीं रहता। अब लोग दीवार फांदकर ही अंदर जाते हैं। कई बार बुजुर्ग और महिलाएं गिरकर चोटिल भी हो चुकी हैं।”डाकघर के कर्मचारियों ने भी माना कि ऐसी स्थिति में उन्हें और ग्राहकों दोनों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है।

कीचड़ और दलदली रास्ते के कारण डाक वितरण कार्य भी बाधित हो रहा है। किसी भी वाहन का वहां तक पहुंचना मुश्किल है। कर्मचारी बताते हैं कि बारिश के दिनों में पत्र और पार्सल पहुंचाने में भी दिक्कत होती है।

क्षेत्रवासियों ने नगर पंचायत और लोक निर्माण विभाग से इस मार्ग के पक्के निर्माण और जल निकासी की व्यवस्था की मांग की है। उनका कहना है कि डाकघर जैसी सार्वजनिक सुविधा तक पहुंचना जनता का अधिकार है, लेकिन प्रशासन की लापरवाही ने इसे जोखिम भरा बना दिया है। स्थानीय लोग चेतावनी दे रहे हैं कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।“दीवार फांदते समय गिरने से किसी दिन गंभीर चोट लग सकती है,” लोगों ने कहा।

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