पराली इन दिनों देश के लिए एक बड़ी समस्या बन गई है, जिसकी वजह से कई शहर प्रदूषित हो गए हैं। लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। ऐसे में कृषि विभाग ने पराली के प्रबंधन के लिए कस्टम हायरिंग परियोजना शुरू की है। इसमें कुल 50 लाख की लागत की परियोजना में 32 ल
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किसानों के द्वारा खेतों में फसल काटने के बाद उसके अवशेष को जला देने से लगातार प्रदूषण बढ़ाने की समस्या आ रही है। उपनिदेशक कृषि अतिन्द्र सिंह ने बताया कि गाजीपुर में कुल 107 एफपीओ कार्य कर रहे हैं और यह योजना इन्हीं एफपीओ के माध्यम से दिया जाना है। यह योजना 50 लाख की है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बना ली गई है और इन एफपीओ को इस योजना का लाभ लेने के लिए पराली प्रबंधन के द्वारा इकट्ठा किए गए पराली को गाजीपुर की सुखबीर एग्रो एनर्जी लिमिटेड से एग्रीमेंट करना होगा, जो इनके परली की खरीददारी करेगा।
पराली नहीं जलाने को किया जागरूक अगर बात करें किसानों के द्वारा परली जलाए जाने की तो गाजीपुर में कुल 29 स्थान पर परली जलाए जाने का मामला सामने आया है। इसकी जानकारी पर कृषि विभाग के अधिकारियों के द्वारा जांच की गई तो कुल 3 परली जलाए जाने के मामले सामने आए। शेष घास फूस या अन्य सामान इकट्ठा कर जलने का मामला था। ऐसे में इन तीन पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ विभाग के द्वारा आगे दंडित करने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही साथ अन्य किसानों को पराली नहीं जलाने के लिए जागरूक भी किया जाएगा, ताकि आने वाले समय में लोगों को परली के धुएं से निजात मिल सके।
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Zaman Times