संभल में पुलिस मुख्यालय बनाने की तैयारी।
संभल में पुलिस मुख्यालय बनाने की तैयारी को लेकर आज हाई पावर कमेटी की टीम पहुंचेगी। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर तलाशी गई भूमि का टीम निरीक्षण करेगी और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। आपको बता दें कि 24 नवंबर को शाही जामा मस्जिद बनाम श्री हरिहर मंदिर के विवाद के बीच हिंसा हुई थी, उसी के बाद से यूपी और केंद्र सरकार अलर्ट है।
सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से हाई पावर कमेटी जनपद संभल का दौरा करेगी, टीम का यह दो दिवसीय दौरा होगा। संभल शहर में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय की स्थापना की जाएगी, सरकार के निर्देश पर प्रशासन के द्वारा जिन भूमियों का चयन किया गया है हाई पावर कमेटी उन स्थानों का निरीक्षण करेगी और अपनी एक रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपेगी। उसके बाद निर्णय लिया जाएगा कि संभल किस दिशा में पुलिस मुख्यालय की स्थापना होगी।
कोर्ट के आदेश पर शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर विवाद का एडवोकेट कमिश्नर सर्वे होने के दौरान हिंसा होने के बाद केंद्र एवं यूपी सरकार अलर्ट पर है। लगातार संभल का स्थानीय पुलिस प्रशासन उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।
देश के आजाद होने के बाद से संभल में कई बार हिंदू मुस्लिम दंगे हो चुके हैं, बड़ी संख्या में हिंदू संभल से पलायन कर गए, संभल का हिंदू समाज अपने आप को अल्पसंख्यक होने का दर्जा सरकार से मांग रहा है और संभल का जिला मुख्यालय संभल में स्थापित कर हिंदू की सुरक्षा करने की मांग उठा रहा है।
देखें दंगे के दौरान की तस्वीरें








आपको बता दें कि 28 सितंबर 2011 को पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भीम नगर की घोषणा की थी, इसमें जिला मुरादाबाद की संभल एवं चंदौसी तहसील को शामिल किया गया और जिला बदायूं की गुन्नौर तहसील को शामिल किया गया था। घोषणा होने के बाद जिला मुख्यालय का पेंच फंस गया, डीएम एसपी सहित जिला स्तरीय अधिकारी ब्लॉक बहजोई परिसर में बैठना शुरू हो गए, डेढ़ महीने तक जिला मुख्यालय को लेकर संभल शहर में आंदोलन होता रहा। 2012 में सपा सरकार बनने के बाद भीम नगर का नाम बदलकर संभल कर दिया गया, लेकिन अभी तक संभल को अपना स्थायी मुख्यालय नहीं मिला है।
Zaman Times