Breaking News

PM मोदी ने नहीं, विदेश राज्य मंत्री ने किया पुतिन का स्वागत; आज होगी बड़ी बैठक

 

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को नई दिल्ली पहुंच गए। उनके भारत दौरे को लेकर राजधानी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुतिन के दौरे के दौरान ब्रिक्स बैठक में भाग लेने के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी अहम द्विपक्षीय वार्ता भी प्रस्तावित है।

पुतिन का विशेष विमान शुक्रवार तड़के पालम एयरफोर्स स्टेशन पर उतरा। उनके स्वागत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद एयरपोर्ट पर मौजूद नहीं थे। भारत की ओर से केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने रूसी राष्ट्रपति का स्वागत किया।

पुतिन का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी को लगातार आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में उनकी प्रधानमंत्री मोदी के साथ होने वाली बातचीत को दोनों देशों के संबंधों की दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आज मोदी और पुतिन के बीच होगी मुलाकात

रूसी राष्ट्रपति के भारत पहुंचने के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन के बीच शुक्रवार को अहम बैठक होने वाली है। दोनों नेताओं की मुलाकात ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हो रही है। 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन का आयोजन किया जाना है।

बैठक के दौरान भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसमें राजनीतिक संबंधों के साथ-साथ व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के विषय शामिल हो सकते हैं।

भारत और रूस पहले भी अपनी विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जता चुके हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा के अलावा ऊर्जा, अंतरिक्ष, व्यापार और दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में सहयोग जारी है।

रक्षा सहयोग पर रहेगी खास नजर

मोदी-पुतिन बातचीत में रक्षा क्षेत्र पर विशेष ध्यान रहने की संभावना है। भारत लंबे समय से रूस से बड़े पैमाने पर रक्षा उपकरण और सैन्य प्रणालियां हासिल करता रहा है। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग कई दशकों से रणनीतिक साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।

बैठक में रूस से S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की आगे की आपूर्ति और ब्रह्मोस मिसाइल से जुड़े सहयोग जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, बातचीत के अंतिम एजेंडे की जानकारी दोनों पक्षों की ओर से सामने आने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर मिलेगी।

ऊर्जा और कारोबार पर भी हो सकती है चर्चा

रक्षा के अलावा ऊर्जा क्षेत्र भी भारत-रूस संबंधों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने के रास्तों पर बातचीत हो सकती है। इसके साथ ही द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग बढ़ाने से जुड़े मुद्दे भी बैठक में उठ सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से बदलते राजनीतिक और आर्थिक समीकरणों के बीच भारत और रूस अपने पारंपरिक संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में पुतिन का भारत दौरा और मोदी के साथ उनकी बातचीत दोनों देशों के लिए खास महत्व रखती है।

ब्रिक्स सम्मेलन से पहले बढ़ी कूटनीतिक हलचल

पुतिन के दिल्ली पहुंचने के साथ ही ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। सम्मेलन में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रमुख नेता हिस्सा लेने वाले हैं।

ब्रिक्स बैठक के दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, वित्तीय सहयोग, आपसी संबंधों और बदलती वैश्विक परिस्थितियों जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। ऐसे में सम्मेलन से पहले होने वाली मोदी-पुतिन बैठक पर भी दुनियाभर की नजरें टिकी हैं।

About Zaman-Admin

Check Also

सर्जिकल स्ट्राइक की 10वीं वर्षगांठ से पहले पीएम मोदी ने आतंकवाद पर दिया बड़ा संदेश

  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 27 सितंबर 2026 को प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *