बदायूं जिले में एक बंदर की मौत के मामले में पूर्व विधायक हाजी मुसर्रत अली उर्फ बिट्टन के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई सहसवान कोतवाली पुलिस द्वारा की गई है। हाजी बिट्टन पहले बहुजन समाज पार्टी से विधायक रह चुके हैं और वर्तमान में समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए हैं।
घटना सहसवान क्षेत्र के मोहल्ला शहबाजपुर स्थित एक पूर्व सिनेमा हॉल परिसर में बने कार्यालय की है। आरोप है कि कार्यालय की चारदीवारी पर प्रतिबंधित ब्लेड वाले कांटेदार तार लगाए गए थे, जिनमें अवैध रूप से बिजली का करंट प्रवाहित किया जा रहा था। शुक्रवार शाम एक बंदर इन्हीं तारों की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही पशु प्रेमियों ने यूपी 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस की पीआरवी टीम मौके पर पहुंची। मामले में पीएफए (पीपल फॉर एनिमल्स) के अध्यक्ष विकेंद्र शर्मा की ओर से तहरीर दी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। तहरीर में स्पष्ट रूप से शासन द्वारा प्रतिबंधित तार और उसमें करंट छोड़े जाने का उल्लेख किया गया है।
बताया गया कि बंदर की मौत की सूचना राष्ट्रीय बजरंग दल संगठन के नगलाध्यक्ष गौरव मौर्या ने पशु प्रेमियों को दी थी, जिसके बाद मामला सामने आया।
वहीं इस पूरे मामले पर पूर्व विधायक हाजी बिट्टन का कहना है कि उन्हें घटना की कोई जानकारी नहीं थी।
गौरतलब है कि हाजी बिट्टन वर्ष 2012 से 2017 तक बिल्सी विधानसभा सीट से विधायक रहे थे। 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली थी।
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