विदेश भेजे जा रहे पार्सल में ड्रग्स समेत अन्य आपत्तिजनक होने का डर दिखाकर साइबर जालसाज़ ने एक बुजुर्ग महिला के साथ 65 लाख रुपए की ठगी कर ली। 56 घंटे तक महिला को ठगों ने डिजिटल अरेस्ट करके रखा। इस दौरान पीड़िता ने एफडी तोड़कर ठगों द्वारा बताए गए खाते
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सेक्टर 128 निवासी चांद गांधी ने बताया कि बीते 13 जुलाई को सुबह 11 बजे फेडेक्स मुंबई अंधेरी ब्रांच से अमित कुमार नाम के व्यक्ति की उनके पास कॉल आई। उसने शिकायतकर्ता महिला के नाम से विदेश भेजे जाने वाले पार्सल में ड्रग्स, क्रेडिट कार्ड और पासपोर्ट समेत अन्य आपत्तिजनक सामान होने की बात कही। महिला ने जब कहा कि उसने कोई पार्सल नहीं भेजा है तो ठग ने शिकायतकर्ता को बड़ी परेशानी में फंसने डर दिखाया और अपराधियों द्वारा उसके दस्तावेज का गलत इस्तेमाल करने की जानकारी दी।
जांच में बार बार दिया गया आश्वासन मुश्किल से बाहर निकलने के लिए महिला को जांच में सहयोग करने और मुंबई पुलिस के अधिकारियों से संपर्क करने के लिए कहा गया। जांच के बाद महिला को मामले से बरी करने का आश्वासन भी दिया गया। महिला ने जब जांच के लिए हामी भर दी तो उसे स्काइप कॉल के जरिये जोड़ा गया और कथित मुंबई पुलिस के अधिकारियों ने मामले को पूछताछ करनी शुरु कर दी। महिला से बैंक खाते संबंधी जानकारी ली गई। पूछताछ के दौरान महिला ने बताया कि उसके बगल वाले टावर में उसकी बेटी अलग रह रही है। वर्तमान में वह घर पर अकेली रहती है।
पैसा ट्रांसफर के दौरान पड़ा अस्थमा का दौरा करीब 47 मिनट तक महिला से पूछताछ हुई। इसके बाद महिला को बताया गया कि उसके बैंक का मैनेजर भी मनि लॉन्ड्रिंग, ड्रग्स तस्करी और अन्य देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त है। महिला को डराने के लिए ठगों ने उसके नाम से गिरफ्तारी वारंट भी इस दौरान भेज दिया। इसके बाद डरी सहमी महिला खुद को मुश्किल से बाहर निकालने की गुहार ठगों से ही लगाती रही। फिर ठगों ने महिला की एफडी तुड़वाकर 40 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए। 25 लाख रुपए अलग से कई बार में ट्रांसफर कराए गए।
गिरफ्तारी की बात सुनकर महिला इतनी सहम गई कि उसे अस्थमा का दौरा पड़ गया। इतने पर भी ठगों का दिल नहीं पसीजा और वे महिला पर और रकम ट्रांसफर करने का दबाव बनाते रहे। आखिर में जब महिला ने और पैसे ट्रांसफर करने से इनकार कर दिया तो ठगों ने भी पूरी तरह से संपर्क तोड़ दिया।
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Zaman Times