मेरठ के एलएलआरएम मेडिकल अस्पताल में लगातार मरीजों को हो रही परेशानियों और अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा बनी रहती है। कभी अस्पताल में एक ही बेड पर दो मरीजों का इलाज चलाया जाता है, तो कभी बेड न मिलने पर मरीज को कुर्सी पर ही इलाज देना पड़ता है।
बेड न मिलने पर कुर्सी पर इलाज
कांच का पुल गली नंबर तीन, मेरठ निवासी वृद्ध मरीज मुन्नी को मंगलवार दोपहर एक घंटे तक इमरजेंसी में बैठकर इंतजार करना पड़ा। बेड खाली होने के बावजूद मरीज की कागजी कार्यवाही पूरी होने तक उन्हें बेड नहीं मिला और कुर्सी पर बैठाकर ऑक्सीजन दी गई।
पहले फाइल बनेगी, फिर बेड
मरीज की बेटी ने बताया कि कागजी कार्रवाई पूरी होने के बावजूद भी बेड नहीं मिला। अस्पताल प्रबंधन का कहना था कि पहले फाइल तैयार करें, उसके बाद ही बेड मिलेगा।
पहले भी हो चुका है ऐसा
कुछ दिन पहले भी एक मरीज को भर्ती होने में तीन घंटे का इंतजार करना पड़ा था। छात्र नेता विनीत चपराना की पहल पर ही मरीज को भर्ती किया गया था। इसके बावजूद प्रबंधन और उच्च अधिकारियों द्वारा इन लापरवाहियों पर कोई सुधार नहीं किया गया।
लगातार आरोप अस्पताल पर
अस्पताल प्रबंधन और इमरजेंसी स्टाफ की कार्यशैली पर लगातार तीमारदार और मरीज आरोप लगा रहे हैं। कई बार डॉक्टरों के सोते रहने और मरीजों के तड़पने की वीडियो वायरल हो चुकी हैं। कुर्सी पर इलाज चलाना भी अस्पताल की कार्यशैली पर सवाल उठाता है।
कुछ वार्डों पर ताले
इमरजेंसी में बने डेंगू वार्ड और स्पेशल कांवड़ वार्ड में बेड की व्यवस्था मौजूद है। इसके बावजूद बढ़ती संख्या और डेंगू मरीज न होने के बावजूद यह बेड अन्य मरीजों के लिए नहीं खोले गए और ताले लगा दिए गए। जबकि जिला अस्पताल में डेंगू मरीज न होने पर इन वार्डों में अन्य मरीजों को भर्ती किया गया।
Zaman Times