गोरखपुर जिले में निजी क्षेत्र की पहली इंटीग्रेटेड टाउनशिप परियोजना को मंजूरी मिल गई है। 104 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने परीक्षण के बाद स्वीकृति दे दी है।
यह टाउनशिप ओमेक्स लिमिटेड द्वारा विकसित की जाएगी और इसे उत्तर प्रदेश टाउनशिप नीति 2023 के तहत मंजूरी मिली है। परियोजना को मई 2026 तक लॉन्च करने की तैयारी है।
सभी आय वर्गों के लिए आवास
परियोजना में विभिन्न आय वर्गों के लिए आवासीय विकल्प उपलब्ध होंगे, जिनमें:
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EWS (दुर्बल आय वर्ग)
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LIG (अल्प आय वर्ग)
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MIG (मध्यम आय वर्ग)
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HIG (उच्च आय वर्ग)
करीब 350 ईडब्ल्यूएस और एलआईजी आवास विकसित किए जाएंगे, जिससे निम्न आय वर्ग के लोगों को भी गुणवत्तापूर्ण आवास मिल सके। इसके अलावा हाई-राइज अपार्टमेंट, आधुनिक विला और सुव्यवस्थित रिहायशी ब्लॉक भी बनाए जाएंगे।
बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं
फोरलेन रिंग रोड से सटी इस टाउनशिप में आधुनिक शहरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। परियोजना में प्रस्तावित सुविधाएं:
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स्कूल और कॉलेज
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अस्पताल
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सामुदायिक केंद्र
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चौड़ी सड़कें और बेहतर जल निकासी व्यवस्था
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नियमित बिजली आपूर्ति
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बड़े पार्क और हरित क्षेत्र
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शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, दुकानें, रेस्टोरेंट और कैफे
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कार्यालय परिसर
इन सुविधाओं से निवासियों को एक ही स्थान पर सभी जरूरी सेवाएं मिल सकेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
‘नया गोरखपुर’ को मिलेगी रफ्तार
हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर दौरे के दौरान शहर में बढ़ती आवासीय जरूरतों को पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई थी। उसी दिशा में यह परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
‘नया गोरखपुर’ योजना के तहत प्राधिकरण की गुरुकुल टाउनशिप के साथ अब निजी क्षेत्र की यह परियोजना भी शहर के नियोजित और सतत विकास को गति देगी।
अन्य निजी परियोजनाएं भी प्रस्तावित
इसके अलावा ताल कंदला में ऐश्प्रा समूह और रामनगर कड़जहां में जीत एसोसिएट्स द्वारा भी इंटीग्रेटेड टाउनशिप विकसित करने की योजना है। इन परियोजनाओं को भी लाइसेंस मिल चुका है और जल्द स्वीकृति की उम्मीद है।
GDA के उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने कहा कि प्राधिकरण और निजी क्षेत्र की भागीदारी से शहर में आवासीय जरूरतों की पूर्ति तेजी से हो सकेगी।
Zaman Times