गोंडा जिले में सरयू और घाघरा नदी के तेजी से घटते जल स्तर के कारण निचले इलाकों के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। तरबगंज तहसील स्थित दत्तनगर में बाढ़ का जलस्तर कम होने के साथ नई चुनौती सामने आई है। सरयू और घाघरा नदी की तेज कटान से सैकड़ों एकड़ धान और गन्ने की फसल प्रभावित हो रही है। साकीपुर गांव के किसान गामा के अनुसार जलस्तर घटने से कटान की गति और बढ़ गई है।
दत्तनगर के सोनू यादव की तीन बीघा गन्ने की फसल नदी में समा चुकी है और उनका घर अब नदी किनारे आ गया है। करीब 10 बीघा खेत भी नदी में बह गए हैं। वर्तमान में घाघरा नदी खतरे के निशान से 28 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। आज सुबह 8 बजे नदी में 2,73,360 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, इसके बाद भी गोंडा में नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। नदी के घटते जलस्तर को लेकर जिला प्रशासन लगातार निचले इलाकों की निगरानी कर रहा है।
स्थानीय निवासी ज्ञानचंद यादव ने बताया कि बाढ़ का पानी कम होने से कटान की समस्या बढ़ गई है। ग्राम प्रधान राजाराम यादव ने किसानों के भारी नुकसान की जानकारी दी। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान के अलावा कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। लगातार उनकी जमीनें नदी काटकर बह रही हैं, लेकिन उन्हें अब तक कोई मुआवजा नहीं मिला है।
गोंडा के अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि नदी कटान वाले क्षेत्रों का सर्वे कराया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। बाढ़ खंड विभाग कटान रोकने का कार्य कर रहा है। जलस्तर तेजी से घटने के कारण निचले इलाकों में कटान हो रही है और जिला प्रशासन द्वारा सभी बाढ़ पीड़ितों की मदद की जा रही है।
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