बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की महाकुंभ में श्री हनुमंत कथा का आज दूसरा दिन है। कथा चिदानंद मुनि श्री के परमार्थ निकेतन आश्रम में चल रही है। पहले दिन सोमवार को धीरेंद्र शास्त्री ने ऑल इंडिया जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन के बयानों पर पलटवार किया।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- शहाबुद्दीन कहते हैं कि बागेश्वर बाबा उन लोगों को ही टारगेट करते हैं। शहाबुद्दीन, मैं इतने कमजोर पर टारगेट नहीं करता। हम अपने पवित्र मुंह से नाम ले रहे हैं, बस ये कृपा समझो। हम टारगेट उनको करते हैं जो देशद्रोही हैं, जो रामद्रोही हैं और अकबर से मोहब्बत करते हैं। भूल कर भी आप हमको छेड़ना मत, हम छोड़ेंगे नहीं। शहाबुद्दीन साहब, दिक्कत होती है तो मेरा वीडियो न देखना।
शहाबुद्दीन को जवाब देते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- तुम्हारे मजहब में आज तक स्त्रियों को मस्जिदों में तुम प्रवेश नहीं करवा पाए। हमारे यहां तो बगल में बैठकर मां नाम से संबोधित किया जाता है। विदेशी स्टीव जॉब्स की पत्नी कमला बन जाती हैं, वो भी यहां आकर डुबकी लगाती हैं। यह हमारा सनातन धर्म है।

हम हिंदू-मुसलमान नहीं करते उन्होंने कहा- जो उल्लू आज तक बिछड़े और पिछड़े नाम पर राजनीति करते थे, इस महाकुंभ ने उनके मुंह पर तमाचा मारा है। जहां संगम है, वहां ना कोई जाति पूछ रहा, ना कोई ऊंच-नीच पूछ रहा। सब एक साथ डुबकी लगा रहे हैं। ये हमारा सनातन धर्म है। शहाबुद्दीन साहब अगर तुम्हें दिक्कत है तो हमारा वीडियो मत देखना। हम हिंदू-मुसलमान नहीं करते, हम तो हिंदू-हिंदू करते हैं।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा का रसपान कर झूमते हुए श्रद्धालु।
भंडारा में कोई पूछ नहीं रहा कि किस बिरादरी के हो धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- आप इन संतों के फक्कड़ पन को देखिए। लंगर बट रहा। भंडारा में कोई पूछ नहीं रहा कि तुम किस बिरादरी के हो। कहां से आए हो। संगम पूछ नहीं रहा, बस तुम डुबकी लगाओ और आशीर्वाद पाओ। कोई चाय का भंडारा कर रहा, एक बाबा रस मलाई वाले हैं। फ्री में ले रस मलाई… दे रस मलाई, नो प्रॉब्लम।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा सुनते श्रद्धालु।
कथा रूपी संगम में डुबकी लगाने से मन शुद्ध होता है धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- जीवन का वास्तविक बल केवल प्रभु श्रीराम है। जीवन में चार बल होते हैं- तप का बल, शक्ति का बल, धन का बल… लेकिन प्रभु भक्तों के पास हैं तो प्रभु के श्रीनाम का परम बल होता है। हमें संगम में तट पर तीन दिनों तक श्री हनुमंत कथा में डुबकी लगाने का अवसर प्राप्त हो रहा है। कथा हमें संसार के संगम से पार जाने की युक्ति देती है। संगम में स्नान करने से तन की शुद्धि और पापों से मुक्ति होती है। कथा रूपी संगम में डुबकी लगाने से मन की शुद्धि होती है।

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- संगम पूछ नहीं रहा कि किस बिरादरी से हो, बस तुम डुबकी लगाओ और आशीर्वाद पाओ।
स्वामी चिदानंद बोले- राम काज कीन्हें बिना, मोहि कहां विश्राम स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा- महाबली हनुमान जी अपने लिए नहीं जिए। उन्होंने अपने लिए कुछ भी नहीं किया। सब कुछ प्रभु के लिए था जो भी है, वह सब भी प्रभु का है। तेरा तुझको सौंपते क्या लागत है मोर। समाज को जरूरत है ऐसे ही विचारों की, जहां ‘राम काज कीन्हें बिना, मोहि कहां विश्राम।’ जब तक राम काज; सेवा काम पूरा न हो विश्राम कहां, सुख कहां, चैन कहां।
शहाबुद्दीन ने क्या कहा था?
मौलाना ने कहा- बाबा बागेश्वर मदरसों में आएं और देखें, तब उनका दिल और दिमाग खुलेगा

ऑल इंडिया जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन।
बरेली में ऑल इंडिया जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयानों पर 26 जनवरी को कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मौलाना ने कहा कि बाबा धीरेंद्र शास्त्री मुसलमानों को कटघरे में खड़ा करने का कोई मौका नहीं छोड़ते और बिना वजह आरोप लगाते रहते हैं। उनके खिलाफ बोलने के लिए हमेशा मौका तलाशते रहते हैं। वह चाहते हैं कि कोई न कोई मौका मिले, तो मुसलमानों को कटघरे में खड़ा किया जाए।
मौलाना शहाबुद्दीन ने मदरसों के ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उनको सोचना और समझना चाहिए कि ये वही मदरसे हैं जिन मदरसों पर वह ‘जश्न ए जम्हूरियत’ ना मानने का इल्जाम लगा रहे हैं। ये वही मदरसे हैं जिन्होंने 1857 से 1947 तक भारत की आजादी की लड़ाई में अहम किरदार निभाया है।
शहाबुद्दीन ने कहा कि इन तमाम चीजों को बागेश्वर धाम के बाबा धीरेंद्र शास्त्री नकार रहे हैं। इनको इतिहास पढ़ना चाहिए। इनको पता करना चाहिए। आइए किसी मदरसे में आकर देखें, आज 26 जनवरी को हम ‘जश्न ए जम्हूरियत’ मना रहे हैं। यहां 26 जनवरी का जश्न धूमधाम से मनाया जाता है और शान से तिरंगा फहराया जाता है। यह प्रतिक्रिया धीरेंद्र शास्त्री के उस बयान के बाद आई है। जिसमें उन्होंने गणतंत्र दिवस समारोह से मुसलमानों के दूर रहने का आरोप लगाया था
Zaman Times