अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा का शुभारंभ होते ही लाखों श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आ रहे हैं। करीब 20 लाख लोग सरयू नदी में स्नान के बाद 42 किलोमीटर लंबी परिक्रमा शुरू कर चुके हैं। सरयू घाटों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची, हर ओर ‘राम-राम’ का जाप करते भक्त नंगे पांव चलते दिखाई दे रहे हैं।
यह परिक्रमा कार्तिक माह में आयोजित होती है और इसके 24 घंटे बाद पंचकोशी परिक्रमा की जाती है। इस बार 14 कोसी परिक्रमा अक्षय नवमी के दिन रात 4:51 बजे से शुरू होकर अगले दिन रात 4:40 बजे तक चलेगी, जबकि पंचकोशी परिक्रमा देव उठनी एकादशी के दिन आरंभ होगी।
परिक्रमा के प्रमुख नियम:
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परिक्रमा से पहले सरयू में स्नान करना अनिवार्य है।
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‘जय श्रीराम’ का उद्घोष करते हुए परिक्रमा की शुरुआत की जाती है।
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पूरे मार्ग में प्रभु स्मरण और भक्ति भाव बनाए रखना आवश्यक है।
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श्रद्धालु सात्विक भोजन जैसे फल, मेवा और मिठाई का ही सेवन करते हैं।
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परिक्रमा पूर्ण होने पर मंदिरों में दर्शन कर ‘जय श्रीराम’ का उद्घोष करते हुए लौटते हैं।
धार्मिक मान्यता:
कार्तिक माह में की गई परिक्रमा से अनेक गुना पुण्य फल की प्राप्ति होती है। यदि कोई सरयू में स्नान नहीं कर पाता, तो सरयू माता के दर्शन कर आचमन के जल से संकल्प लेकर परिक्रमा शुरू करने का विधान है।
सुरक्षा और व्यवस्थाएं:
42 किमी लंबे परिक्रमा मार्ग को 5 जोन और 32 सेक्टर में बांटा गया है। 80 मजिस्ट्रेट समेत सैकड़ों अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। राम की पैड़ी पर कंट्रोल रूम से CCTV के जरिए निगरानी की जा रही है।
श्रद्धालुओं के ठहराव के लिए कैंप लगाए गए हैं और 5 स्थानों पर खोया-पाया केंद्र बनाए गए हैं, जो 24 घंटे सक्रिय रहेंगे। रेलवे को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि प्रमुख स्थानों पर चौबीसों घंटे पुलिस बल तैनात है।
हेल्पलाइन नंबर:
📞 9120989195
☎️ लैंडलाइन: 05278-232043, 232044, 232046, 232047
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