गोंडा समेत देवीपाटन मंडल के कई जिलों में सरकार द्वारा दो दर्जन से अधिक गौशालाओं का संचालन कराया जा रहा है। इन सभी गौशालाओं की गोपनीय तरीके से जांच करने को लेकर के कमिश्नर देवी पाटन मंडल ने चारों जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है। गोंडा, बलरामपुर
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मंडल के चारों जिलों में संचालित इन्हीं गौशालाओं में इधर-उधर घूम रहे गौवंश को पकड़ करके लाकर गौशालाओं में किया गया है। सरकार द्वारा गौशाला में इन सभी गांव गौवंशों को हरे चारे के साथ भूसा सहित अन्य चीज उपलब्ध कराई जा रही है। काफी दिनों से कमिश्नर देवीपाटन मंडल को शिकायत मिल रही थी कि में गौशाला कर्मियों द्वारा रात में गोवंशों को गोशाला से बाहर छोड़ दिए जाते है।
रात में गौशालाओं से छोड़े जाते हैं छुट्टा जानवर शिकायत पर मंडलायुक्त देवीपाटन मंडल शशि भूषण लाल सुशील ने नोडल अधिकारियों के माध्यम से गोपनीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। दरअसल आयुक्त के संज्ञान में आया है कि कई गौशाला कर्मियों द्वारा रात के समय में गोवंशो को घूमने के लिए गौशाला के बाहर छोड़ दिया जाता है,
ताकि उन्हें चारा भूसा ना देना पड़े साथ ही साथ कुछ ग्राम वासियों द्वारा भी अपने गोवंशों को सुबह शाम दूध निकाल कर विचरण के लिए छोड़ दिया जाता है। जिससे गोवंश ग्राम व खेतों में घूम करते हुए पाए जाते हैं इस प्रकरण की गोपनीय जांच कराया जाना आवश्यक है। इसी को लेकर आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों को जांच करने के निर्देश दिए हैं।
18 बिंदुओं पर आख्या उपलब्ध कराएंगे नोडल अधिकारी कमिश्नर देवीपाटन मंडल ने नोडल अधिकारी के माध्यम से बिंदुवार जांच आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। आयुक्त द्वारा प्रत्येक नोडल अधिकारी को 18 बिन्दुओं पर गोशालावार जांच आख्या तीन दिन के अन्दर अपर निदेशक पशुपालन के माध्यम से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच के कुछ बिंदु इस प्रकार हैं
- गोवंशों हेतु स्वच्छ पेयजल उपलब्धता की स्थिति।
- वर्षा से बचाव हेतु की गई व्यवस्था की स्थिति।
- मृतक हुए गोवंशों के उचित निस्तारण की स्थिति।
- सुरक्षा व्यवस्था हेतु रात्रि में चौकीदार की व्यवस्था की स्थिति।
- नियमित स्वास्थ्य परीक्षण आदि की स्थिति।
- गोशाला परिसर की साफ सफाई की स्थिति।
- चूनी चोकर भूसा आदि के क्रय किए जाने की स्थिति।
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Zaman Times