लेह एपेक्स बॉडी ने सोमवार कहा कि राज्य का दर्जा और लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग पूरी होने तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। बॉडी ने केंद्र सरकार से तत्काल बैठक की मांग की और चेतावनी दी कि जनता का धैर्य खत्म हो रहा है।
गृह मंत्रालय ने अगले दौर की बातचीत के लिए लद्दाख प्रतिनिधिमंडल के साथ 6 अक्टूबर को चर्चा की घोषणा की है। लेह एपेक्स बॉडी के सह-अध्यक्ष चेरिंग दोरजे ने कहा कि जब तक कोई समझौता नहीं होता, भूख हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने यह भी बताया कि उनका विरोध शांतिपूर्ण है, लेकिन लोगों का धैर्य अब समाप्त हो रहा है और स्थिति नियंत्रण से बाहर जा सकती है।
पर्वतीय परिषद चुनाव से पहले पूरा किया जाना चाहिए वादा
जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षक सोनम वांगचुक ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने का वादा किया था। उन्होंने जोर दिया कि यह वादा आगामी पर्वतीय परिषद चुनावों से पहले पूरा किया जाना चाहिए।
वांगचुक ने कहा कि अगर सरकार अपना वादा पूरा करती है तो लद्दाख उन्हें वोट देगा, जिससे सरकार और लद्दाख दोनों को फायदा होगा। इसलिए उम्मीद है कि सरकार सार्थक बातचीत करेगी।
बातचीत में देरी से धैर्य खो रहा है जनता
वांगचुक ने कहा कि बातचीत में हो रही देरी से लोग धैर्य खो रहे हैं। उन्होंने कहा कि विरोध शांतिपूर्ण है, लेकिन लोग थक चुके हैं और उन्हें लगता है कि शांतिपूर्ण विरोध से कोई परिणाम नहीं निकल रहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि शांति बनी रहनी चाहिए और मांगों का समाधान जल्दी होना चाहिए। उनका कहना था कि ये मांगें पिछले पांच साल से लंबित हैं, जबकि भारत का संविधान केवल दो साल में तैयार किया गया था।
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