कानपुर में बकरीद के मौके पर चमनगंज स्थित हलीम कॉलेज ग्राउंड में उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा बकरा बाजार सज गया है। इस बाजार में आसपास के कई जिलों से खरीदार और व्यापारी पहुंच रहे हैं। 25 मई से शुरू हुए इस बाजार में अब तक एक लाख से अधिक जानवरों की खरीद-बिक्री हो चुकी है।
‘बादशाह’ बकरा बना स्टार
इस बार बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा “बादशाह” नाम के एक भारी-भरकम बकरे की हो रही है। हैदराबादी सोजत नस्ल का यह बकरा करीब 135 किलो वजन का बताया जा रहा है और इसकी कीमत लगभग 2.50 लाख रुपये रखी गई है।
मालिक के अनुसार, इसकी हाइट करीब 3 फीट है और इसे खास देखभाल में पाला गया है। शुरुआत में इसका वजन केवल 14 किलो था, लेकिन बेहतर खान-पान और देखभाल के कारण यह अब विशाल आकार का बन चुका है।
खास डाइट और देखभाल
बादशाह बकरे को चना, दूध, काजू और बादाम जैसी पौष्टिक चीजें खिलाई जाती हैं। इसकी देखभाल में खास ध्यान रखा गया है ताकि इसका वजन और स्वास्थ्य बेहतर बना रहे।
खरीदारों की भीड़ और बढ़ती कीमतें
बाजार में शाम के समय खरीदारों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। कानपुर देहात, फतेहपुर, इटावा, कन्नौज समेत कई जिलों से लोग यहां खरीदारी करने पहुंच रहे हैं।
व्यापारियों का कहना है कि इस बार कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। एक खरीदार के अनुसार, जो बकरा पिछले साल 20 हजार रुपये में मिलता था, वही अब 30 हजार रुपये से ऊपर जा चुका है।
बिक्री और बाजार का माहौल
व्यवस्थापकों के अनुसार, बाजार में अब तक बड़ी संख्या में बकरों की बिक्री हो चुकी है। करीब एक लाख से अधिक जानवर अब तक बिक चुके हैं। बाजार में बढ़ी कीमतों के बावजूद खरीदारों की भीड़ लगातार बनी हुई है।
मंडी का संचालन
यह बकरा बाजार बकरीद से पहले और बाद मिलाकर लगभग 6 दिनों तक चलता है, जिसमें कुर्बानी के लिए जानवरों की खरीदारी होती है। इस दौरान यह मंडी पूरे क्षेत्र के व्यापार का बड़ा केंद्र बन जाती है।
Zaman Times