Breaking News

नीम करौली बाबा पर किताब लिखना चाहती थीं अनुप्रिया, स्टीव जॉब्स से कनेक्शन ने बदल दी कहानी

 

अयोध्या: फिल्म ‘हनुमान अंश’ से जुड़ी निर्माता अनुप्रिया नागर ने नीम करौली बाबा के जीवन, विचारों और सेवा के संदेश को देश-दुनिया की नई पीढ़ी तक पहुंचाने की अपनी पहल के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उनका इरादा बाबा पर एक किताब लिखने का था, लेकिन बाद में परिस्थितियां ऐसी बनीं कि वह फिल्म निर्माण से जुड़ गईं।

अनुप्रिया के अनुसार, नीम करौली बाबा के प्रति उनकी रुचि तब और बढ़ी, जब उन्होंने एप्पल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स के भारत दौरे और आध्यात्मिक अनुभवों से जुड़ी जानकारी पढ़ी। इसी दौरान उन्हें कैंची धाम और नीम करौली बाबा के साथ जॉब्स के संबंध के बारे में पता चला। इसके बाद उनके मन में यह सवाल आया कि जिस संत के विचारों से दुनिया की एक चर्चित शख्सियत प्रभावित हुई, उनके जीवन और संदेश के बारे में भारत की नई पीढ़ी को अपेक्षाकृत कम जानकारी क्यों है।

स्टीव जॉब्स से जुड़ी जानकारी ने खींचा ध्यान

अनुप्रिया ने बताया कि उस समय वह ब्रिटेन में रिसर्च कर रही थीं। स्टीव जॉब्स के जीवन और भारत से उनके आध्यात्मिक जुड़ाव पर पढ़ते हुए उनकी नजर नीम करौली बाबा पर गई। कैंची धाम से जुड़ी जानकारियों ने उन्हें काफी प्रभावित किया।

यहीं से उन्होंने बाबा के जीवन और उनके सेवा भाव को युवाओं तक पहुंचाने के बारे में गंभीरता से सोचना शुरू किया। उनका मानना है कि आज की पीढ़ी के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं और ऐसे समय में संतों के जीवन से जुड़े सकारात्मक विचार युवाओं को प्रेरित कर सकते हैं।

किताब लिखने की थी शुरुआती योजना

अनुप्रिया ने बताया कि उनका पहला विचार फिल्म बनाने का नहीं, बल्कि नीम करौली बाबा पर एक पुस्तक तैयार करने का था। वह चाहती थीं कि बच्चों और युवाओं को बाबा के जीवन, उनके विचारों और सेवा की भावना के बारे में सरल तरीके से जानकारी मिले।

इसी उद्देश्य से वह भारत आईं। यहां उनकी मुलाकात रागिनी सोना से हुई। बातचीत के दौरान उन्हें पता चला कि ‘हनुमान अंश’ नाम की फिल्म पर काम चल रहा है और उसके निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग की जरूरत है।

इसके बाद अनुप्रिया फिल्म की टीम के साथ जुड़ गईं। उनका कहना है कि उन्होंने इस घटनाक्रम को महज संयोग के तौर पर नहीं देखा, बल्कि इसे महाराज जी की कृपा और उनकी इच्छा से जोड़कर महसूस किया।

व्यावसायिक लाभ से ज्यादा सेवा का उद्देश्य

अनुप्रिया के मुताबिक, फिल्म से जुड़ने का मकसद केवल कमाई या व्यावसायिक सफलता हासिल करना नहीं था। वह इसे सेवा और सकारात्मक संदेश को आगे बढ़ाने के अवसर के रूप में देखती हैं।

उन्होंने बताया कि फिल्म बड़े बजट की नहीं थी और इसमें कोई बड़ा फिल्मी चेहरा भी शामिल नहीं था। ऐसे में इसके लिए वित्तीय सहयोग जुटाना आसान नहीं रहा। टीम ने कई लोगों से संपर्क किया, लेकिन अपेक्षा के अनुरूप मदद नहीं मिल सकी।

इसके बाद उन्होंने स्वयं इस प्रोजेक्ट को सहयोग देने का निर्णय लिया। अनुप्रिया ने कहा कि बच्चों के प्रति उनका विशेष लगाव है और वह सामाजिक व चैरिटी से जुड़े कार्यों में भी योगदान देना चाहती हैं। उनके अनुसार, अगर किसी फिल्म के जरिए बच्चों और युवाओं तक सकारात्मक विचार पहुंचते हैं तो वह काम उनके लिए महत्वपूर्ण है।

युवाओं के लिए प्रेरणा बन सकता है बाबा का संदेश

अनुप्रिया का कहना है कि आज के युवा काफी प्रतिभाशाली हैं, लेकिन कई बार परिस्थितियां, दबाव और जीवन की चुनौतियां उन्हें सही दिशा से भटका देती हैं। ऐसे में नीम करौली बाबा के जीवन और सेवा से जुड़े विचार उन्हें सकारात्मक रास्ता चुनने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

उनका उद्देश्य बाबा के संदेश को किसी एक समुदाय, वर्ग या क्षेत्र तक सीमित रखना नहीं है। वह चाहती हैं कि देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों में रहने वाले लोग भी उनके जीवन और विचारों के बारे में जानें।

उन्होंने बताया कि फिल्म तैयार होने के बाद भी उसके प्रचार और दर्शकों तक पहुंचाने के रास्ते में कई मुश्किलें आईं। इसके बावजूद टीम ने प्रयास जारी रखा। उनका मानना है कि किसी अच्छे संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए लगातार कोशिश करते रहना जरूरी है।

अयोध्या आकर मिला अलग अनुभव

अनुप्रिया ने बताया कि फिल्म से जुड़े काम के दौरान वह पहले भी अयोध्या आ चुकी हैं और हनुमानगढ़ी में दर्शन के साथ रामलला के दर्शन किए हैं। वह लगातार प्रार्थना करती रही हैं कि फिल्म के माध्यम से दिया जाने वाला संदेश ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे।

इस बार अयोध्या आने पर उन्होंने रामनगरी के आध्यात्मिक वातावरण और संतों के आशीर्वाद को अपने लिए खास अनुभव बताया। उनके अनुसार, अयोध्या जैसी धार्मिक नगरी में आकर फिल्म से जुड़े उद्देश्य को लेकर उन्हें और अधिक सकारात्मक ऊर्जा महसूस हुई।

अनुप्रिया का कहना है कि ‘हनुमान अंश’ उनके लिए सिर्फ एक फिल्म प्रोजेक्ट नहीं है। यह नीम करौली बाबा के जीवन, सेवा और सकारात्मक विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक माध्यम है। उन्हें उम्मीद है कि फिल्म के जरिए दर्शकों, खासकर बच्चों और युवाओं को बाबा के जीवन से जुड़े संदेशों को समझने और उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलेगा।

About Zaman-Admin

Check Also

सहारनपुर में PNB ग्राहक से 95 हजार की साइबर ठगी, बिना मंजूरी खाते से निकाली रकम

  सहारनपुर: नकुड़ क्षेत्र में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के एक ग्राहक के बैंक खाते …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *