सुल्तानपुर जिले में पुलिस प्रशासन की कमान अब IPS अधिकारी चारू निगम के हाथों में होगी। हाल ही में हुए प्रशासनिक फेरबदल के तहत उन्हें जिले का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह पीएसी गाजियाबाद में सेनानायक के पद पर तैनात थीं।
वहीं, अब तक सुल्तानपुर के एसपी रहे कुंवर अनुपम सिंह को जौनपुर का पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। उन्होंने जनवरी 2025 में सुल्तानपुर का कार्यभार संभाला था और करीब 13 महीनों तक जिले में अपनी सेवाएं दीं। इस दौरान उन्हें पदोन्नति भी मिली और वे एसएसपी बने।
आगरा से दिल्ली तक का सफर
चारू निगम मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आगरा की रहने वाली हैं। उनके पिता एम.एस. निगम दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी में कार्यरत रहे, जिसके चलते परिवार दिल्ली स्थानांतरित हो गया। चारू की पढ़ाई-लिखाई दिल्ली में ही हुई। उन्होंने गणित और कंप्यूटिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की।
बीटेक के बाद उन्होंने निजी नौकरी के बजाय सिविल सेवा को अपना लक्ष्य बनाया। कई प्रयासों के बाद वर्ष 2013 में उनका चयन आईपीएस के रूप में हुआ।
पहली पोस्टिंग से ही सख्त तेवर
साल 2014 में चारू निगम को झांसी में पहली पोस्टिंग मिली। चंबल जैसे चुनौतीपूर्ण इलाके में उन्होंने बेखौफ होकर जिम्मेदारी संभाली। कार्यभार ग्रहण करते ही उन्होंने खनन माफिया, शराब तस्करों और पशु तस्करी के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया।
उनकी तेज़ और निष्पक्ष कार्रवाई से अवैध कारोबार में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया। गांजा और चरस तस्करी के मामलों में भी उन्होंने कई बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम दिया।
हंसमुख लेकिन सख्त अधिकारी
चारू निगम अपनी सख्त कार्यशैली के साथ-साथ हंसमुख स्वभाव के लिए भी जानी जाती हैं। उन्होंने खुद बताया है कि बचपन से ही उनका स्वभाव खुशमिज़ाज रहा, जिस कारण स्कूल और कॉलेज के दिनों में उन्हें कई बार टोका भी गया।
झांसी में अपनी बेदाग और दमदार कार्यशैली के चलते लोग उन्हें प्यार से ‘लेडी सिंघम’ कहने लगे थे।
अब सुल्तानपुर की जनता को उनसे कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की उम्मीद है।
Zaman Times