उन्नाव जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) और सफीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के अधीक्षक के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की गई है। उत्तर प्रदेश के डिप्टी मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी।
.
उनके अनुसार उन्नाव CMO पर आरोप है कि उन्होंने उच्च स्तर पर गलत सूचना उपलब्ध कराई। जिसके कारण न केवल अधिकारियों बल्कि आम जनता को भी भ्रमित किया गया। यह कार्रवाई लापरवाही और निर्धारित समय सीमा में कार्य न करने के कारण की गई है।
डिप्टी सीएम ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि उन्नाव CMO ने जानकारी के प्रवाह में चूक की। जिससे सरकारी कार्यों में बाधा आई और संबंधित विभागों में अव्यवस्था फैल गई। बृजेश पाठक ने यह भी कहा कि यह लापरवाही सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं थी। बल्कि प्रशासन के उच्च स्तर पर भी इसके गंभीर प्रभाव पड़े थे। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि किसी भी अधिकारी द्वारा ऐसी लापरवाही या अनियमितता को सहन नहीं किया जाएगा, चाहे वह कितना भी उच्च पदस्थ क्यों न हो।
साथ ही सफीपुर CHC के अधीक्षक के खिलाफ भी अनुशासनिक कार्रवाई की गई। डिप्टी सीएम ने बताया कि उक्त अधिकारी ने निर्धारित मानकों और समय सीमा के अनुसार कार्य नहीं किया। जिसके चलते स्वास्थ्य सेवाओं में व्यवधान उत्पन्न हुआ। पाठक ने यह कहा कि इस प्रकार की लापरवाही से जनता की स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, और यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
उन्नाव CMO और सफीपुर CHC अधीक्षक के खिलाफ यह कार्रवाई उन शिकायतों के बाद की गई। जिनमें यह आरोप लगाए गए थे कि दोनों अधिकारियों ने सरकारी कार्यों को समय पर पूरा नहीं किया और जानकारी के स्तर पर भी कई गलतियां की। इन आरोपों की जांच के बाद कार्रवाई की गई। जो राज्य सरकार द्वारा अधिकारियों के कार्यों के प्रति उच्चतम मानकों को बनाए रखने के दृष्टिकोण को दर्शाता है।
बृजेश पाठक ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में कोई भी अधिकारी इसी प्रकार की लापरवाही और गलत सूचना देने का दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रशासनिक सुधारों की दिशा में यह कदम एक महत्वपूर्ण पहल है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर और प्रबंधन अधिक प्रभावी और व्यवस्थित हो सके।
Source Agency News
Zaman Times