भुवनेश्वर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर 2026 को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए डेटा सेंटर और साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य गरीब परिवारों को ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिससे वे सम्मान के साथ जीवन जी सकें। उन्होंने इस कार्यक्रम को देश के विकास और आधुनिक वित्तीय व्यवस्था के विस्तार से जोड़ते हुए कहा कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने भुवनेश्वर में आयोजित कार्यक्रम में परियोजना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि RBI की नई सुविधाएं देश के डिजिटल बुनियादी ढांचे और साइबर सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में भूमिका निभाएंगी। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में सभागार में मौजूद लोगों से बातचीत भी की और पूछा कि माहौल इतना गंभीर क्यों है। उन्होंने उपस्थित लोगों से सहज होकर बैठने की अपील की।
भुवनेश्वर को मिला नया संस्थान
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में नए संस्थान की शुरुआत को महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना ओडिशा के साथ-साथ देश के लोगों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती है। उनके मुताबिक, सरकार की विकास संबंधी प्राथमिकताओं में सुविधाओं का विस्तार करने के साथ उनका लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाना भी शामिल है।
RBI के नए डेटा सेंटर और साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का उद्देश्य वित्तीय क्षेत्र में डिजिटल बुनियादी ढांचे और साइबर सुरक्षा से जुड़ी क्षमताओं को मजबूती देना है। डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन के बढ़ते इस्तेमाल के बीच डेटा की सुरक्षा और तकनीकी प्रणालियों की विश्वसनीयता महत्वपूर्ण विषय बन गए हैं।
गरीब परिवारों को सम्मान के साथ जीवन देने पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार की योजनाओं का मकसद गरीब परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बुनियादी जरूरतों के लिए कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। उन्होंने सड़क, स्वास्थ्य और परिवहन जैसी सुविधाओं के विस्तार का जिक्र करते हुए कहा कि विकास का लाभ छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने बताया कि देश में एक्सप्रेसवे का विस्तार किया जा रहा है और गांवों में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर काम हुआ है। प्रधानमंत्री ने इन पहलों को आम लोगों के जीवन में सुविधाएं बढ़ाने के प्रयासों के तौर पर प्रस्तुत किया।
बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए विकास
प्रधानमंत्री ने आजादी के बाद देश में बड़े शहरों के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि महानगरों में बड़े अस्पताल, हवाई अड्डे और अन्य संस्थान विकसित हुए, लेकिन अनेक क्षेत्रों में लोगों को लंबे समय तक बुनियादी सुविधाओं का इंतजार करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि पहले बेहतर इलाज के लिए छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों के लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। इसी तरह हवाई यात्रा की सुविधाएं भी मुख्य रूप से बड़े शहरों में केंद्रित थीं, जबकि छोटे शहरों को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने की जरूरत बनी हुई थी।
प्रधानमंत्री के अनुसार, कई गांवों में सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी बड़ी चुनौती थीं। रेलवे स्टेशन आम यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण होने के बावजूद वहां आधुनिक सुविधाओं का अभाव रहा। उन्होंने कहा कि विकास के लाभ को देश के हर क्षेत्र और नागरिक तक पहुंचाने के लिए इस पुरानी सोच में बदलाव लाने का प्रयास किया गया है।
विकास की सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर फोकस
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में विकास की प्राथमिकताओं, सुविधाओं के विस्तार और योजनाओं की पहुंच को प्रमुखता दी। उन्होंने कहा कि विकास का आकलन केवल बड़े शहरों में बनने वाले संस्थानों से नहीं होना चाहिए, बल्कि यह भी देखा जाना चाहिए कि उसका लाभ दूरदराज के क्षेत्रों और आम नागरिकों को कितना मिल रहा है।
RBI के नए डेटा सेंटर और साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का उद्घाटन इसी कार्यक्रम का मुख्य हिस्सा रहा। वित्तीय क्षेत्र में डिजिटल तकनीक के बढ़ते महत्व को देखते हुए साइबर सुरक्षा से संबंधित प्रशिक्षण और मजबूत डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और गरीब परिवारों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने की सरकार की प्राथमिकता दोहराई। कार्यक्रम के माध्यम से वित्तीय क्षेत्र के तकनीकी ढांचे को मजबूत करने और विकास का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचाने का संदेश दिया गया।
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