लखनऊ: राजधानी के गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में इंटरनेशनल मेगा ट्रेड फेयर शुरू हो गया है। यह मेला 2 नवंबर तक चलेगा। यहां रोजाना सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक खरीदारी की जा सकती है। दिवाली से पहले आयोजित इस मेले में देश के अलग-अलग राज्यों से कारीगर और कारोबारी अपने उत्पाद लेकर पहुंचे हैं। मेले के सभी पवेलियन सेंट्रली एयर कंडीशन्ड हैं, जिससे आगंतुकों को खरीदारी के दौरान सुविधा मिलती है।
इस ट्रेड फेयर में कपड़ों, आभूषणों, सजावटी सामान, चूड़ियों और खाने-पीने की खास चीजों की कई वैरायटी उपलब्ध हैं। उत्तर प्रदेश के अलावा राजस्थान, गुजरात, बिहार, दिल्ली और अन्य राज्यों के उद्यमियों ने यहां अपने स्टॉल लगाए हैं। पारंपरिक हस्तशिल्प से लेकर घर की सजावट और मिठाइयों तक, ग्राहकों के लिए कई विकल्प मौजूद हैं।
भागलपुर की हैंडपेंटेड सिल्क साड़ियां बनीं आकर्षण
बिहार के भागलपुर से आए मोहम्मद साबिर अंसारी की हैंडपेंटेड सिल्क साड़ियां मेले में लोगों का ध्यान खींच रही हैं। वह खुद साड़ियों के साथ सूट और विभिन्न प्रकार के फैब्रिक भी तैयार करते हैं। उनके स्टॉल पर साड़ियों की कीमत 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक रखी गई है।
लखनऊ में पहली बार अपने उत्पादों की बिक्री करने पहुंचे साबिर ग्राहकों को विशेष ऑफर भी दे रहे हैं। उनके स्टॉल से 10 पीस खरीदने पर दो पीस अतिरिक्त दिए जा रहे हैं। पारंपरिक डिजाइन और हाथों से की गई पेंटिंग इन साड़ियों को खास बनाती है।
छह महीने तक रखा जा सकता है ड्राई फ्रूट हलवा
मेले में खाने-पीने की खास चीजों में शुगर-फ्री ड्राई फ्रूट हलवा भी लोगों को आकर्षित कर रहा है। इसे फलों के गूदे और शहद से तैयार किया जाता है। इसमें आटा, मैदा और चीनी का इस्तेमाल नहीं किया जाता। ग्राहकों के लिए स्ट्रॉबेरी, अनार और अंगूर समेत कई फ्लेवर उपलब्ध हैं।
इस हलवे की कीमत 300 रुपये से 1,000 रुपये प्रति किलो तक है। विक्रेता के मुताबिक, इसकी शेल्फ लाइफ लगभग छह महीने है और इसे सुरक्षित रखने के लिए फ्रिज में रखने की जरूरत नहीं पड़ती। अलग-अलग स्वाद और लंबे समय तक रखे जा सकने की विशेषता के कारण यह उत्पाद मेले में लोगों की दिलचस्पी बढ़ा रहा है।
कानपुर की ज्वेलरी में रानी हार और चोकर के विकल्प
आभूषणों के शौकीनों के लिए कानपुर से आए कृष्णा का स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र है। यहां रानी हार, चोकर, नेकलेस, इयररिंग्स और मंगलसूत्र सहित कई तरह की ज्वेलरी मिल रही है।
स्टॉल पर ब्रास मेटल से बने और करीब 1.5 ग्राम गोल्ड पॉलिश वाले आभूषणों की शुरुआती कीमत 950 रुपये है। विक्रेता का कहना है कि यदि ज्वेलरी को पानी और परफ्यूम से बचाकर रखा जाए, तो इसकी पॉलिश लगभग ढाई साल तक टिक सकती है। अलग-अलग डिजाइन और बजट के विकल्पों के चलते ग्राहक यहां अपनी पसंद के आभूषण देख सकते हैं।
जयपुर की रंग-बिरंगी चूड़ियों की भी खूब मांग
राजस्थान के जयपुर स्थित लालकोठी-टोंक फाटक क्षेत्र से आए चंदन कुमार गुप्ता अपने स्टॉल पर हजारों डिजाइन और रंगों की चूड़ियां लेकर पहुंचे हैं। इनमें ग्रीन और मरून रंगों के कलेक्शन की मांग सबसे अधिक बताई जा रही है। इसके अलावा मल्टीकलर और क्रीम शेड की चूड़ियां भी ग्राहकों को पसंद आ रही हैं।
विक्रेता के अनुसार, उनके परिवार का चूड़ियों का कारोबार पिछले 25 वर्षों से चल रहा है। उन्होंने बताया कि उनके स्टॉल पर उपलब्ध चूड़ियां वाटरप्रूफ और अनब्रेकेबल होने के दावे के साथ बेची जा रही हैं। पारंपरिक परिधानों के साथ पहनने के लिए यहां विभिन्न रंगों और डिजाइन के विकल्प मौजूद हैं।
घर की सजावट और गिफ्टिंग के सामान की भरमार
मुंबई से आए शरद मिश्रा के स्टॉल पर इंटीरियर डेकोरेशन, गिफ्टिंग आइटम, वास्तु और फेंगशुई से जुड़े उत्पाद, घड़ियां और पेंटिंग्स उपलब्ध हैं। वह पिछले 18 वर्षों से इस कारोबार में जुड़े हुए हैं।
उनके मुताबिक, स्टॉल पर रखे जाने वाले उत्पाद खुद तैयार किए जाते हैं और इन्हें थोक तथा खुदरा दोनों तरीकों से खरीदा जा सकता है। घर को सजाने, उपहार देने या इंटीरियर में बदलाव करने की योजना बना रहे लोगों के लिए यहां कई तरह के विकल्प मौजूद हैं।
लखनऊ की कुल्फी और फालूदा भी खींच रहे लोगों का ध्यान
मेले में दूसरे राज्यों के उत्पादों के साथ स्थानीय स्वाद का भी खास इंतजाम है। लखनऊ के चौक क्षेत्र से आए राकेश दुबे के स्टॉल पर स्पेशल कुल्फी और फालूदा कुल्फी उपलब्ध हैं। खरीदारी के बीच इन पारंपरिक स्वादों का आनंद लेने के लिए भी लोग स्टॉल पर पहुंच रहे हैं।
इस तरह मेले में कपड़े, ज्वेलरी, चूड़ियां और सजावटी सामान खरीदने के साथ खानपान के कई विकल्प भी मिल रहे हैं। अलग-अलग राज्यों के कारीगरों और कारोबारियों की भागीदारी ने इसे विविध उत्पादों की खरीदारी के लिए एक खास जगह बना दिया है।
द प्लानर्स की ओर से किया गया आयोजन
इंटरनेशनल मेगा ट्रेड फेयर का आयोजन द प्लानर्स की ओर से किया जा रहा है। आयोजन को भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) का समर्थन प्राप्त है। दिवाली से पहले शुरू हुए इस मेले में लोग 2 नवंबर तक पहुंचकर देश के विभिन्न हिस्सों से आए उत्पादों को देख और खरीद सकते हैं।
Zaman Times