कन्नौज जिला जेल से भागे दो बंदियों का चार दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। जेल के आसपास न तो कोई बस्ती है और न ही सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिससे पुलिस के लिए उनकी दिशा और भागने के तरीके का पता लगाना मुश्किल हो रहा है। पुलिस टीमें फिलहाल बंदियों के परिजनों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।
जिला मुख्यालय से लगभग 18 किलोमीटर दूर अनौगी गांव में स्थित यह जिला जेल खेतों के बीच बनी है, जिसके कारण आसपास हमेशा सन्नाटा रहता है। इस सुनसान इलाके में बस्ती और सीसीटीवी कैमरों का अभाव बंदियों की तलाश में सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यदि आसपास कैमरे होते तो बंदियों के भागने की दिशा या किसी वाहन में लिफ्ट लेने की जानकारी मिल सकती थी।
पुलिस का मानना है कि दोनों बंदी शातिर हैं और उन्होंने खेतों के रास्ते भागना सुरक्षित समझा होगा। यही कारण है कि चार दिन बीत जाने के बाद भी उनका कोई पता नहीं चल सका है। पुलिस टीमें अब बंदियों के पैतृक गांवों और उनके परिजनों की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रख रही हैं।
उम्मीद है कि बंदी अपने परिजनों से संपर्क करने का प्रयास करेंगे, जिससे उनकी लोकेशन ट्रेस की जा सकेगी।जैसे-जैसे समय बीतता जा रहा है, बंदियों को पकड़ने में पुलिस की चिंता बढ़ती जा रही है। उनकी जल्द गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।
Zaman Times