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बैंक फ्रॉड केस में ED की बड़ी कार्रवाई, सिंगापुर में 35.71 करोड़ की FD फ्रीज

 

बैंक से जुड़े धोखाधड़ी और कथित तौर पर पैसों की हेराफेरी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने गजानन गंगामय इंडस्ट्री LLP (GGI LLP) और उससे जुड़े कुछ लोगों के मुंबई तथा छत्रपति संभाजीनगर स्थित छह ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें आवासीय और व्यावसायिक दोनों तरह के परिसर शामिल हैं। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े प्रावधानों के तहत की गई।

बैंक कंसोर्टियम से लिया गया था करीब 135 करोड़ का कर्ज

यह मामला उस कर्ज से जुड़ा है, जो GGI LLP ने बैंक ऑफ इंडिया की अगुवाई वाले बैंकों के एक कंसोर्टियम से लिया था। जांच के अनुसार, समय के साथ यह ऋण एनपीए में बदल गया। इसके बाद बैंकों के कंसोर्टियम ने करीब 135 करोड़ रुपये की बकाया रकम को धोखाधड़ी वाला खाता घोषित किया।

इस मामले में कंपनी के साझेदारों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है। इसी मामले में दर्ज प्राथमिकी और आगे की कानूनी कार्रवाई के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू हुई।

पूर्व पार्टनर पर पैसे दूसरी जगह भेजने का आरोप

जांच एजेंसी के मुताबिक, GGI LLP के पूर्व पार्टनर नितिन रामचंद्र जाधव पर लोन से जुड़ी रकम को कथित तौर पर अलग-अलग माध्यमों से दूसरी जगह भेजने का आरोप है। इसके लिए कई संस्थाओं और खातों का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है।

जांच में कथित तौर पर ऐसे लेन-देन का पता चला, जिनके जरिए रकम को अलग-अलग कंपनियों और खातों के बीच घुमाया गया। एजेंसी का आरोप है कि इस प्रक्रिया में कुछ ऐसी कंपनियों और कथित एंट्री प्रोवाइडरों की मदद ली गई, जिनका इस्तेमाल पैसों की वास्तविक आवाजाही को छिपाने के लिए किया गया।

इसके बाद बड़ी मात्रा में नकदी निकाले जाने की भी जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी इस बात का पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर डायवर्ट की गई रकम का इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से किया गया।

सिंगापुर के खाते में मिली करोड़ों की रकम

तलाशी के दौरान ईडी को विदेश में रखी गई बड़ी रकम से जुड़ी जानकारी भी मिली। जांच एजेंसी ने इंडियन बैंक की सिंगापुर शाखा में मौजूद एक फिक्स्ड डिपॉजिट को फ्रीज कर दिया है। इस खाते में करीब 37 लाख अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 35.71 करोड़ रुपये की राशि बताई गई है।

खाते को फ्रीज करने के साथ ही एजेंसी ने इस रकम से जुड़े लेन-देन और इसके स्रोत की जांच भी शुरू कर दी है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि विदेश में रखी गई रकम का संबंध कथित बैंक धोखाधड़ी से है या नहीं।

BMW कार और डिजिटल उपकरण भी जब्त

तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने एक BMW 320LD ग्रैंड लग्जरी लाइन कार भी जब्त की है। इसके अलावा कई अहम दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस एजेंसी के हाथ लगे हैं।

बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों में कथित वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों तथा पैसों की आवाजाही से संबंधित जानकारी होने की बात कही गई है। एजेंसी अब इन रिकॉर्ड्स की जांच कर कथित फंड डायवर्जन के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों व डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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