पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों सीटों के लिए प्रत्याशियों का ऐलान किया है। इन दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है।
कांग्रेस के अनुसार, रेजीनगर विधानसभा सीट से मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी को उम्मीदवार बनाया गया है, जबकि नंदीग्राम से मिलन प्रधान पार्टी के प्रत्याशी होंगे। कांग्रेस ने शुक्रवार, 11 सितंबर को सोशल मीडिया के जरिए दोनों नामों की आधिकारिक घोषणा की।
पार्टी की ओर से बताया गया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पश्चिम बंगाल विधानसभा के आगामी उपचुनाव के लिए इन उम्मीदवारों के नामों को मंजूरी दी है।
शुभेंदु अधिकारी के सीट छोड़ने से खाली हुई नंदीग्राम
नंदीग्राम सीट के खाली होने की वजह हालिया विधानसभा चुनाव के नतीजों से जुड़ी है। बीजेपी ने शुभेंदु अधिकारी को नंदीग्राम के साथ भबानीपुर सीट से भी चुनाव मैदान में उतारा था। शुभेंदु अधिकारी ने दोनों सीटों पर जीत हासिल की थी।
चुनाव के बाद उन्होंने भबानीपुर विधानसभा सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम की सदस्यता छोड़ दी। इसके चलते नंदीग्राम सीट रिक्त हो गई और यहां दोबारा चुनाव कराने की स्थिति बनी।
नंदीग्राम लंबे समय से पश्चिम बंगाल की राजनीति में बेहद अहम विधानसभा क्षेत्रों में शामिल रहा है। ऐसे में उपचुनाव में कांग्रेस समेत अन्य दलों के उम्मीदवारों पर भी राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।
रेजीनगर सीट भी विधायक के इस्तीफे से हुई खाली
रेजीनगर विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव होने की वजह दो सीटों से जीत दर्ज करने वाला मामला है। आम जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर ने हालिया विधानसभा चुनाव में रेजीनगर और नौदा दोनों सीटों से चुनाव लड़ा था।
हुमायूं कबीर ने दोनों विधानसभा क्षेत्रों में जीत हासिल की। हालांकि, नियमों के तहत एक विधायक एक समय में केवल एक विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर सकता है। इसलिए उन्होंने नौदा सीट को अपने पास रखा और रेजीनगर की सदस्यता छोड़ दी।
इसके बाद रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र भी रिक्त घोषित हुआ और यहां उपचुनाव कराने का रास्ता साफ हुआ।
6 अक्टूबर को होगा दोनों सीटों पर मतदान
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों सीटें रिक्त होने के बाद चुनाव आयोग ने उपचुनाव का कार्यक्रम जारी किया। अब दोनों विधानसभा क्षेत्रों में 6 अक्टूबर 2026 को मतदान कराया जाएगा।
कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुनावी तैयारी तेज कर दी है। आने वाले दिनों में बीजेपी, टीएमसी और अन्य राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों की तस्वीर भी साफ होने की उम्मीद है। दोनों सीटों के नतीजे पश्चिम बंगाल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
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