करूर में विजय की रैली के दौरान मची भगदड़ से जुड़े विवाद पर तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने अभिनेता-राजनेता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वीकेंड पर रात में रैली आयोजित करना गैर-जिम्मेदाराना कदम था और भीड़ प्रबंधन में राज्य पुलिस पूरी तरह नाकाम रही। इस घटना की उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की है।
विजय पर गैर-जिम्मेदारी का आरोप
अन्नामलाई का कहना है कि रैलियों की योजना अधिक जिम्मेदारी से बनाई जानी चाहिए। उनके अनुसार, “अगर कार्यक्रम वीकेंड पर रखा है तो उसे दिन में आयोजित करना चाहिए, ताकि भीड़ को मैनेज करना आसान हो। रात में आयोजन क्यों किया गया? और पार्टी के स्वयंसेवक कहां तैनात थे?”
शनिवार को करूर में हुई इस रैली के दौरान भगदड़ मच गई थी, जिसमें कम से कम 39 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हो गए।
सीबीआई जांच की मांग
अन्नामलाई ने स्पष्ट किया कि वह किसी व्यक्तिगत आरोप से बच रहे हैं, लेकिन उनका कहना है कि भीड़ प्रबंधन में राज्य पुलिस विफल रही, जबकि संभावित खतरे की आशंका पहले से थी। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रमुख ने 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती का दावा किया, लेकिन मौके पर 100 से भी कम कर्मचारी नजर आए। आयोजन के लिए जिस जगह की अनुमति दी गई थी, वह इतनी संकरी थी कि एंबुलेंस भी वहां नहीं जा सकती थी।
लापरवाही पर सवाल
उन्होंने मांग की कि जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित किया जाए और केवल सीबीआई जांच ही सच्चाई सामने ला सकती है। उनका कहना है कि तमिलनाडु में भीड़ प्रबंधन बार-बार विफल हो रहा है और इसके लिए सरकार की लापरवाही जिम्मेदार है।
सरकार की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को आर्थिक मदद की घोषणा की। वहीं मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने इस मामले की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश अरुणा जगदीसन की अध्यक्षता में एक आयोग गठित किया है।
याचिका दायर
इस घटना की सीबीआई जांच की मांग को लेकर अदालत में भी याचिका दायर की गई, हालांकि इसे जनहित याचिका की श्रेणी में बताते हुए तत्काल सुनवाई से इंकार कर दिया गया।
Zaman Times