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ट्रंप के टैरिफ के बीच भारत का चीन के खिलाफ बड़ा कदम, अमेरिका की चिंता बढ़ने की संभावना।

 

भारत ने कम समय के लिए देश का दौरा करने वाले चीनी पेशेवरों के लिए व्यावसायिक वीजा की जल्द स्वीकृति सुनिश्चित करने के लिए नियमों में बदलाव किए हैं. यह कदम पूर्वी लद्दाख सीमा विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच तनावपूर्ण हुए संबंधों में फिर से सुधार करने के प्रयासों के बीच उठाया गया है. हालांकि, घटनाक्रम से परिचित लोगों ने शुक्रवार को बताया कि सभी चीनी वीजा आवेदकों की मौजूदा जांच प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

चीनी नागरिकों को मिलेगी मदद

पहले कम समय के लिए भारत आने वाले चीनी पेशेवरों को छह महीने या उससे अधिक की वैधता वाले रोजगार वीजा या E-वीजा जारी किए जाते थे. नियमों में किए गए ये बदलाव मोटे तौर पर सभी देशों के वीजा आवेदकों पर लागू होंगे, लेकिन चीनी नागरिकों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है. व्यावसायिक वीजा के लिए सभी आवेदनों पर तीन से चार सप्ताह की अवधि के भीतर कार्रवाई की जाएगी.

नई दिल्ली के इस फैसले से चीनी विशेषज्ञों को भारत आने और विभिन्न क्षेत्रों में चीनी उपकरणों और मशीनों का उपयोग करने वाली कंपनियों को तकनीकी सहायता प्रदान करने में मदद मिलने की संभावना है. इस बीच बीजिंग ने चीनी पेशेवरों के लिए व्यावसायिक वीजा की मंजूरी में तेजी लाने के भारत के कदम का स्वागत करते हुए इसे एक सकारात्मक कदम बताया.

भारत का कदम सकारात्मक- चीन

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने बीजिंग में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने इस सकारात्मक कदम पर संज्ञान लिया है. सीमा पार यात्रा को सुगम बनाना सभी पक्षों के साझा हितों की पूर्ति करता है. चीन भारत के साथ संवाद और परामर्श जारी रखेगा ताकि लोगों के बीच आदान-प्रदान को और सुगम बनाया जा सके.’’

भारत ने जुलाई 2025 में पांच साल से अधिक समय के अंतराल के बाद चीनी नागरिकों को पर्यटक वीजा जारी करना फिर से शुरू किया था, जो दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. चीन ने भी भारतीय पर्यटकों, जिनमें समूह पर्यटक भी शामिल हैं, को वीजा जारी करना शुरू कर दिया है.

हाल के महीनों में भारत-चीन के रिश्ते हुए नरम

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर मई 2020 में शुरू हुए सैन्य गतिरोध के बाद चीनी नागरिकों को वीजा जारी करना निलंबित कर दिया गया था. हाल के महीनों में भारत और चीन ने अपने संबंधों को फिर से स्थापित करने के लिए कई जन-केंद्रित कदमों पर सहमति व्यक्त की है. इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने का समझौता, सीधी उड़ानों की बहाली, राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाना और वीजा सुविधा शामिल हैं.

दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें अक्तूबर 2025 में फिर से शुरू हो गई थीं. अगस्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनपिंग ने गंभीर चुनौतियों से निपटने और सीमा मुद्दे के निष्पक्ष समाधान की दिशा में काम करने के लिए द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर करने पर सहमति व्यक्त की थी. शंघाई सहयोग शिखर सम्मेलन के दौरान चीन के तियानजिन शहर में हुई एक बैठक में, पीएम मोदी और जिनपिंग ने वैश्विक वाणिज्य को स्थिर करने के लिए व्यापार और निवेश संबंधों का विस्तार करने का भी संकल्प लिया था.

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