पाकिस्तान में कांपी धरती
इससे पहले पाकिस्तान में इसी साल 28 फरवरी को भूकंप आया था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.5 मापी गई थी। भूकंप से किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ था। भूकंप का केंद्र पाकिस्तान में ही था। 28 फरवरी से पहले 16 फरवरी को भी पाकिस्तान में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इस भूकंप का केंद्र रावलपिंडी से 8 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में था। इसकी गहराई जमीन के नीचे 17 किलोमीटर थी। झटके पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भी महसूस किए गए थे।
यह भी जानें
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, म्यांमार में पिछले सप्ताह आए विनाशकारी भूकंप में मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। बचाव कार्य लगातारी जारी है। भूकंप के चलते ढही इमारतों से शव निकलने का सिलसिला जारी है। भूकंप की चपेट में आने से अब तक यहां 2700 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों की संख्या में लोग घायल हुए हैं। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी भूकंप की वजह से काफी नुकसान हुआ है।
क्यों आते हैं भूकंप
भूकंप के झटके पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटों के हिलने या टकराने से पैदा होते हैं। जब प्लेटों के बीच मौजूद ऊर्जा अचानक किसी कारण रिलीज होती है, तो धरती हिलने लगती है। यह ऊर्जा भूकंपीय तरंगों के रूप में फैलती है, जिससे धरती कांपती है। ज्वालामुखी विस्फोट और खदान विस्फोट भी भूकंप का कारण बन सकते हैं।
Zaman Times