उपराष्ट्रपति चुनाव की तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो गई है। नामांकन प्रक्रिया और जांच की सभी औपचारिकताओं के बाद अब केवल दो उम्मीदवार ही मैदान में बचे हैं – एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन और इंडिया ब्लॉक के साझा प्रत्याशी बी. सुदर्शन रेड्डी।
इस बार उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर उम्मीदवारों में खासा उत्साह देखने को मिला। कुल 46 उम्मीदवारों ने 68 नामांकन पत्र दाखिल किए थे, लेकिन इनमें से बड़ी संख्या प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज कर दी गई। 19 उम्मीदवारों के 28 नामांकन पत्र तकनीकी आधार पर स्वीकार नहीं हुए। बाकी बचे 27 उम्मीदवारों के 40 नामांकन पत्रों की जांच के दौरान भी कई अमान्य पाए गए। अंततः केवल दो उम्मीदवारों के नामांकन पत्र वैध माने गए।
अब सीधा मुकाबला दो नेताओं के बीच
सीपी राधाकृष्णन के नामांकन पत्र क्रमांक 26, 27, 28 और 29 वैध पाए गए, वहीं बुचिरेड्डी सुदर्शन रेड्डी के नामांकन पत्र क्रमांक 41, 42, 43 और 44 स्वीकृत हुए। उम्मीदवार चाहें तो अपने नामांकन वापस ले सकते हैं, जिसके बाद उपराष्ट्रपति पद के लिए अंतिम सूची जारी होगी।
कैसे होगा मतदान
उपराष्ट्रपति चुनाव में केवल सांसद ही वोट डालते हैं। इसमें लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित तथा मनोनीत सभी सदस्य शामिल होते हैं। मतदान गुप्त मतपत्र (Secret Ballot) के जरिए होता है, जिसमें सांसद अपने पसंदीदा उम्मीदवार को क्रमवार (preferential vote) अंक देते हैं।
एनडीए बनाम इंडिया ब्लॉक
अब यह तय हो गया है कि चुनाव में सीधा मुकाबला सीपी राधाकृष्णन और बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच होगा। राधाकृष्णन को एनडीए का समर्थन हासिल है, जबकि रेड्डी इंडिया ब्लॉक के प्रत्याशी हैं। संख्या बल को देखते हुए राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है, हालांकि अंतिम नतीजे मतदान के बाद ही सामने आएंगे।
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